ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की असमय मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घटना के बाद रविवार शाम सोसाइटी परिसर में भारी संख्या में लोग एकत्र हुए और मोमबत्तियां जलाकर मौन श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही उन्होंने इस हादसे को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर विरोध दर्ज कराया।
शाम के समय सोसाइटी के प्रवेश क्षेत्र से शुरू हुए कैंडल मार्च में महिलाएं, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में शामिल रहे। सभी ने दो मिनट का मौन रखकर मृतक को याद किया। इस दौरान माहौल गमगीन रहा और लोगों की आंखों में आक्रोश साफ झलकता दिखाई दिया।
निवासियों का कहना है कि यह हादसा अचानक नहीं हुआ, बल्कि लापरवाही की एक लंबी कड़ी का नतीजा है। उनका आरोप है कि सोसाइटी में चल रहे रखरखाव और अन्य कार्यों के दौरान बुनियादी सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया। कई बार खतरे को लेकर चेतावनी दी गई, लेकिन प्रबंधन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। पोस्टरों पर “इंसाफ चाहिए”, “लापरवाही बंद करो” और “सुरक्षा पहले” जैसे नारे लिखे हुए थे। निवासियों ने मांग की कि बिल्डर, मेंटेनेंस एजेंसी और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए।
सोसाइटी के एक निवासी ने बताया कि यह केवल एक परिवार का नुकसान नहीं है, बल्कि पूरी व्यवस्था की नाकामी को दर्शाता है। यदि समय रहते जरूरी कदम उठाए जाते तो शायद यह जान बचाई जा सकती थी। लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया कि उच्चस्तरीय जांच के जरिए दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
कैंडल मार्च के दौरान मृतक के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई। निवासियों ने साफ कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे। साथ ही यह भी कहा गया कि सेक्टर-150 की कई ऊंची सोसाइटी में सुरक्षा मानकों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
प्रदर्शन के अंत में यह निर्णय लिया गया कि एक प्रतिनिधिमंडल प्रशासन से मिलकर पूरे मामले में ज्ञापन सौंपेगा। चेतावनी दी गई कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। लोगों ने भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए नियमित सुरक्षा जांच और लापरवाह संस्थाओं पर कड़ी सजा की मांग की।






