Budget 2026: 1 फरवरी को देश का आम बजट पेश किया जाएगा और इस बार यह दिन निवेशकों के लिए बेहद खास रहने वाला है। वजह यह है कि बजट रविवार को पेश हो रहा है, जबकि आमतौर पर शनिवार और रविवार को शेयर बाजार बंद रहते हैं। लेकिन इस बार परंपरा से हटकर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने रविवार को भी बाजार खोलने का फैसला लिया है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट को देखते हुए दोनों एक्सचेंजों ने साफ कर दिया है कि 1 फरवरी को विशेष लाइव ट्रेडिंग सत्र आयोजित किया जाएगा। यानी निवेशक बजट भाषण के दौरान और उसके तुरंत बाद सामान्य दिनों की तरह शेयरों में खरीद-फरोख्त कर सकेंगे।
क्यों लिया गया यह ऐतिहासिक फैसला?
एक्सचेंजों की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक, बजट में होने वाली बड़ी नीतिगत घोषणाओं का असर सीधे बाजार पर पड़ता है। ऐसे में निवेशकों को तुरंत प्रतिक्रिया देने का अवसर मिले, इसी उद्देश्य से रविवार को भी ट्रेडिंग कराई जा रही है।
आजाद भारत के शेयर बाजार के इतिहास में यह मौका बेहद दुर्लभ है। इससे पहले सिर्फ एक बार 28 फरवरी 1999 को, जब देश के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे, रविवार के दिन शेयर बाजार खुला था।
नोट कर लें ट्रेडिंग का पूरा टाइमिंग
निवेशकों की सुविधा के लिए NSE और BSE ने ट्रेडिंग शेड्यूल भी स्पष्ट कर दिया है। 1 फरवरी को बाजार की समय-सारिणी सामान्य कारोबारी दिन जैसी ही रहेगी—
प्री-ओपन मार्केट: सुबह 9:00 बजे से 9:08 बजे तक
रेगुलर ट्रेडिंग सेशन: सुबह 9:15 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक
इसका मतलब यह है कि बजट भाषण (जो आमतौर पर सुबह 11 बजे शुरू होता है) के दौरान ही बाजार में हलचल देखने को मिलेगी। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस फैसले से निवेशकों को कई अहम फायदे मिलेंगे—
तुरंत प्रतिक्रिया: बजट में टैक्स, खर्च और सेक्टर-वाइज घोषणाओं का असर तुरंत शेयर कीमतों में दिख सकेगा। अगर बाजार बंद रहता, तो सोमवार तक अनिश्चितता बनी रहती। रविवार को ट्रेडिंग से निवेशक उसी दिन अपनी पोजीशन संभाल सकेंगे। बजट के दिन ऑफ-मार्केट गतिविधियों की आशंका कम होगी और कीमतों की खोज खुले बाजार में ही होगी।






