पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि उसे और उसके बच्चों को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराई जाए और ससुराल पक्ष के दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
मुजफ्फरनगर। जनपद के ग्राम जड़ौदा निवासी एक विवाहिता ने घरेलू हिंसा और ससुराल पक्ष की प्रताड़ना से तंग आकर अपने बच्चों के साथ ससुराल के बाहर धरना शुरू कर दिया। पीड़िता का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
पीड़िता की शादी ग्राम सुजड़ू में मुस्लिम रीति-रिवाज से हुई थी। महिला का कहना है कि वह एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखती है, इसी कारण ससुराल पक्ष के लोग उसे लगातार ताने देते रहे और अपमानित करते रहे। आरोप है कि आए दिन मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया जाता था, जिससे परेशान होकर वह आज सुबह अपने बच्चों के साथ ससुराल के मकान के गेट के सामने बैठने को मजबूर हो गई। महिला का यह भी कहना है कि उसने कई बार अपनी पीड़ा परिवार और समाज के लोगों के सामने रखी, लेकिन हर बार उसे सिर्फ आश्वासन ही मिला। जब कहीं से कोई मदद नहीं मिली और उत्पीड़न बढ़ता गया, तो उसने खुले तौर पर न्याय की गुहार लगाने का फैसला किया।
पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि उसे और उसके बच्चों को तत्काल सुरक्षा मुहैया कराई जाए और ससुराल पक्ष के दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उसे न्याय मिल सके और भविष्य में किसी अन्य महिला को इस तरह की पीड़ा न सहनी पड़े। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासन में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे कड़े दावों के बीच यह घटना कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि वह इस मामले को कितनी गंभीरता से लेकर पीड़िता को न्याय दिलाता है।






