प्रधानाचार्या मोनिका गर्ग ने कहा-शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होती, बल्कि संस्कार, आत्मविश्वास और जीवन मूल्यों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देती है
मुजफ्फरनगर। एम.जी. पब्लिक स्कूल परिसर में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए भावनात्मक और प्रेरणादायी आशीर्वाद समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ उनको जीवन में सफलता के लिए ईमानदारी, परिश्रम और अनुशासन की राहत पर चलने का संदेश दिया गया।

एम.जी. पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग ने बताया कि स्कूल कैंपस में मंगलवार को शैक्षिक सत्र 2025-26 के अंतर्गत कक्षा 12 के छात्र-छात्राओं के लिए आशीर्वाद समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय से विदा हो रहे विद्यार्थियों को परीक्षा और भविष्य की चुनौतियों के लिए मानसिक रूप से सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

समारोह की खास बात प्राइमरी विंग के नन्हे बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई आकर्षक सांस्कृतिक मंचीय प्रस्तुतियाँ रहीं। इन प्रस्तुतियों ने सीनियर विद्यार्थियों के साथ बिताए गए पलों की मधुर स्मृतियों को जीवंत कर दिया। गीत, नृत्य और भावनात्मक और प्रेरणादायक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को आत्मीयता और उल्लास से भर दिया।

आशीर्वाद समारोह में शिक्षिका निर्मला वर्मा, श्रीमती हिमांशु, श्वेता गुप्ता, शिक्षक राजीव त्रिखा ने विद्यालय परिवार की ओर से विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, नैतिक मूल्यों और उत्कृष्टता के साथ जीवन पथ पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों को उनकी परीक्षाओं में सफलता और भविष्य में निरंतर प्रगति के लिए शुभकामनाएँ दी गईं।

इसके साथ ही विद्यालय के हैड ब्वॉय और हैड गर्ल के साथ ही चारों हाउस नानक, टैगोर, कृष्णा और रामा के स्टूडंेट्स काउंसिल के विद्यार्थियों को प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। समारोह में स्कूल से विदा हो रहे छात्र-छात्राओं ने भी अपने संस्मरण सुनाये और उनकी यात्रा को अविस्मरणीय बनाने के लिए प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रस्तुत की गई वीडियो ने सभी को भावुक कर दिया।
प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा केवल ज्ञान की नहीं, बल्कि आत्मसंयम, धैर्य और निरंतर प्रयास की भी परीक्षा होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास बनाए रखते हुए पूरे मनोयोग से परिश्रम करने का आह्वान किया। अपने प्रेरक और मार्गदर्शनपरक संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होती, बल्कि संस्कार, आत्मविश्वास और जीवन मूल्यों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देती है। लक्ष्य पर केंद्रित रहकर सकारात्मक सोच बनाए रखना सफलता की कुंजी है। परीक्षा के समय मानसिक संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि शांत मन ही सही निर्णय लेने में सक्षम होता है।
उन्होंने कहा कि वे कठिन परिस्थितियों में भी निरंतरता बनाए रखें और स्वयं पर विश्वास न खोएं। प्रधानाचार्या ने विश्वास जताया कि विद्यालय से प्राप्त संस्कार, अनुशासन और मूल्य विद्यार्थियों को न केवल परीक्षा में, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने में सहायक होंगे। समारोह का समापन सीनियर विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना और भावनात्मक विदाई के साथ किया गया। यह आशीर्वाद समारोह विद्यार्थियों के लिए एक नई शुरुआत का संबल बनकर स्मृतियों में सदा अंकित रहेगा। कार्यक्रम में सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं स्टाफ का सहयोग रहा।






