बहन के घर से लौटते ढिंढावली के विश्वास से लूटी थी स्विफ्ट, जेवर और नकदी, बेटे को छोड़कर आ रहे युवक से बाइक और नगदी लूटकर किया था लाठी से वार
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा संयुक्त ऑपरेशन में ढेर किया गया शातिर बदमाश अमजद आतंक का पर्याय बना हुआ था। अमजद ने अपने साथियों के साथ मिलकर मुजफ्फरनगर जनपद में ताबड़तोड़ अपराध किए। उसके द्वारा बुढ़ाना थाना क्षेत्र में तीन महीने में लूट की दो बड़ी वारदातों को अंजाम दिया। इन वारदातों को अंजाम देकर वो अज्ञातवास में चला गया, पुलिस चाह कर भी उसका पता नहीं लगा पा रही थी। इसलिए डीआईजी सहारनपुर रेंज ने अमजद के सिर पर 50 हजार का ईनाम घोषित किया था। बरामद कार्बाइन लूट की इन वारदातों में प्रयोग की गई थी। बुढ़ाना के दोनों मामलों में पुलिस ने उसको फरार और ईनामी अपराधी घोषित कर रखा था।

मुकदमा संख्या 459-थाना तितावी क्षेत्र के ग्राम ढिंढावली निवासी विश्वास बालियान पुत्र सविन्द सिंह के साथ अमजद ने लूट की वारदात की थी। विश्वास ने 11 नवम्बर 2025 को बुढ़ाना थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। विश्वास के अनुसार घटना के दिन विश्वास शामली निवासी अपनी बहन से मिलने के लिए गया था, वहां से वो अपने स्विफ्ट कार से अपने दोस्त के लिए जा रहा था। रास्ते में विश्वास ने मेरठ-शामली हाईवे पर गांव गढ़ी सखावतपुर से करीब एक किलोमीटर पहले लघु शंका के लिए अपनी गाड़ी रोकी और सड़क पर उतर आया।

इसी बीच बाइक पर दो बदमाश आये और उसको दबोच लिया। इनमें से एक बदमाश के हाथ में काबाईन थी। हत्या की धमकी देकर आतंकित किया और बदमाश विश्वास से दो सोने और एक चांदी की अंगूठी, सेमसंग फोल्ड मोबाइल फोन, आधार, पैन कार्ड और 8 हजार रुपये से भरा पर्स और स्विफ्ट कार लूटकर फरार हो गये थे। विश्वास ने बाइक सवार बदमाश का पीछा करके पकड़ने का प्रयास किया तो उस पर फायर झौंक दिया था। पुलिस तभी से इन बदमाशों की तलाश में थी, लेकिन सुराग नहीं लग पा रहा था।

मुकदमा संख्या 10-बुढ़ाना कस्बा के सफीपुर पट्टी निवासी सरफराज पुत्र अय्यूब ने 5 जनवरी 2026 को बुढ़ाना थाने में तहरीर देकर पुलिस को शिकायत की थी कि 4 दिसम्बर 2025 को वो अपने बेटे अब्दुल्ला दवाई दिलाकर ग्राम भनवाड़ा में छोड़ने गया था। जब वह वापस आ रहा था तो बसी रोड पर दो अज्ञात बदमाशों ने बाइक को रोका और पीछे से कमर में लाठी से प्रहार कर दिया। सरफराज से बदमाशों ने उसकी बाइक स्पलैंडर संख्या यूपी 12 बीडब्ल्यू 6930, मोबाइल फोन और 7200 रुपये नगद लूट लिये थे और फायर करते हुए फरार हो गये। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बदमाशों की तलाश में काफी भागदौड़ की। अब पुलिस ने दावा किया है कि ये दोनों लूट शातिर अमजद ने अपने साथियों के साथ मिलकर की थी। इसी में डीआईजी सहारनपुर ने उस पर ईनाम घोषित किया था।
पांच राज्यों में आतंकः मुजफ्फरनगर के सात थानों में 21 मुकदमे
गुरूवार की अलसुबह मुजफ्फरनगर पुलिस की गोली का शिकार हुआ बदमाश अमजद बेहद शातिर अपराधी बताया गया है। उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों राजस्थान, बिहार, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में अपराध के कारण उसका आतंक था। मुजफ्फरनगर जनपद में अमजद ने अपराध में अपना सिक्का जमा लिया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार अमजद पर कुल 40 मुकदमों का रिकॉर्ड मिला है। इनमें आधे से ज्यादा मुकदमे उसके खिलाफ मुजफ्फरनगर में दर्ज मिले।
एसएसपी संजय वर्मा ने बताया कि मारा गया 50 हजारी बदमाश अमजद बेहद शातिर था और अंतरराज्यीय स्तर का लुटेरा किस्म का अपराधी था। उसके खिलाफ 2021 में राजस्थान के चुरू जनपद में गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज हुआ, 2024 में बिहार के गोपालगंज जिले में आर्म्स एक्ट, उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद की गंगनहर कोतवाली में 2013 में आर्म्स एक्ट और दिल्ली में गाजीपुर, वेलकम और उत्तमनगर थानों में मुकदमे दर्ज मिले हैं। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में 2010 से 2015 तक अमजद के खिलाफ गंभीर मामलों में आठ मुकदमे दर्ज हुए। नोएडा के सेक्टर 58 थाने में 2008 में धोखाधड़ी में मुकदमा दर्ज हुआ। उत्तर प्रदेश के पांच जनपदों बिजनौर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद और नोएडा में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज मिले हैं। मुजफ्फरनगर के सात थानों बुढ़ाना, शाहपुर, छपार, नई मंडी, सिविल लाइन, तितावी और शहर कोतवाली में अमजद के खिलाफ 21 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या, लूट, जानलेवा हमला व गैंगस्टर जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।






