डीएम को सौंपा ज्ञापन, आठ माह का वेतन लंबित, 2,000 से बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रतिमाह करने की उठाई मांग
मुजफ्फरनगर। सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन तैयार करने वाली रसोई माताओं ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने वेतन भुगतान में देरी और मानदेय बढ़ाए जाने की मांग को प्रमुखता से उठाया।
रसोई माताओं ने जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में अवगत कराया कि जनपद के प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत भोजनमाताओं को वर्ष में 12 माह के स्थान पर केवल 10 माह का ही वेतन दिया जाता है। वर्तमान में उन्हें मात्र 2,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है, जो परिवार के भरण-पोषण के लिए अत्यंत अपर्याप्त है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि सरकार द्वारा समय पर वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। कई भोजन माताओं का आठ माह का वेतन अभी तक बकाया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति गंभीर हो गई है। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि वे सभी गरीब परिवारों से संबंध रखती हैं और नियमित वेतन न मिलने से उनके सामने रोजमर्रा के खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है।
रसोई माताओं ने मांग की कि उनका मानदेय 2,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए तथा लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे आगे भी आंदोलन करने को बाध्य होंगी। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने प्रशासन से सहानुभूतिपूर्वक विचार कर न्यायोचित कार्रवाई की अपेक्षा जताई। इस दौरान मुख्य रूप से उर्मिला, रेनू, मनीषा, विद्यावति, मिथलेश, सुनीता, कमलेश, गीता, प्रिया, संगीता, चन्द्रकली, सुमन, पुष्पा आदि महिलाएं प्रदर्शन में शामिल रहीं।






