पुलिस ने मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ले ली है, जिसमें हमलावरों को सेवादार को घसीटते और पीटते हुए देखा जा सकता है
मुजफ्फरनगर। जनपद के एक गांव में स्थित श्री शिवनाथ मंदिर में मंगलवार देर रात नशे में धुत कुछ असामाजिक तत्वों ने घुसकर मंदिर की पवित्रता को भंग करते हुए दो मूर्तियों को खंडित कर दिया। विरोध करने पर मंदिर के महंत और सेवादार पर हमला करते हुए उनकी पिटाई भी कर डाली। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, इसको लेकर ग्रामीणों के साथ ही हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारियों ने भी रोष व्यक्त करते हुए हमलावरों पर सख्त कार्यवाही की मांग की है।
बताया गया है कि शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव हरसौली में स्थित श्री शिवनाथ मंदिर परिसर में बीती रात कुछ असामाजिक तत्व घुस आये, सभी ने शराब पी रखी थी और गहरे नशे में धुत भी थे। मंदिर के महंत पुष्कर नाथ ने थाने में दी तहरीर में बताया कि मंगलवार शाम करीब 8 बजे ग्राम प्रधान तेजवीर का भाई पिंटू, बेटा अजय और भांजा कलुआ शराब के नशे में धुत होकर मंदिर पहुंचे थे। नशे में होने के कारण उन्हें मंदिर में प्रवेश करने से रोका तो वो अभद्रता करने लगे। आरोप है कि हमलावरों ने पहले सेवादार का अपहरण कर सुनसान जगह ले जाकर उसे पीटा और फिर मंदिर परिसर में लाकर महंत के सामने ही दोबारा उसके साथ हाथापाई की। महंत ने विरोध किया तो उनको भी पीटा गया और उनकी भगवा पगड़ी व जनेऊ उतारने की कोशिश की।
महंत का आरोप है कि हमलावरों के साथ जुटी करीब 25-30 लोगों की भीड़ ने उन्हें तमंचा दिखाकर डराया और दौड़ाकर पिटाई की। इसी बीच पहुंचे ग्रामीणों ने उनको बचाया। महंत ने बताया कि मंदिर का हाल ही में जीर्णाेद्धार हुआ था और 15 फरवरी को ही मूर्तियों की प्राण-प्रतिष्ठा की गई थी। मारपीट के दौरान ही आरोपियों ने मंदिर में स्थापित कार्तिकेय जी और नंदी भगवान की मूर्तियों को तोड़ दिया और मुख्य शिव प्रतिमा को भी क्षति पहुंचाने का प्रयास किया।
घटना की जानकारी मिलते ही शाहपुर थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ले ली है, जिसमें हमलावरों को सेवादार को घसीटते और पीटते हुए देखा जा सकता है। पुलिस का कहना है कि फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। महंत ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो वे अपने गुरुओं और ग्रामकीणों के साथ मिलकर आंदोलन करेंगे।






