तीसरी तिमाही में देश के बैंकिंग सेक्टर की लाभप्रदता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। सिस्टेमैटिक्स ग्रुप की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, यह मजबूती मुख्य रूप से नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में बढ़ोतरी, कम स्लिपेज, बेहतर रिकवरी और फीस आय में सुधार के कारण आई है। इसके विपरीत, वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर का प्रदर्शन कमजोर रहा है। नुवामा रिसर्च की रिपोर्ट में सेक्टर की ग्रोथ में गिरावट और लाभप्रदता पर दबाव की पुष्टि की गई है।

स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य नहीं, यूपी उपभोक्ताओं को राहत
स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर केंद्र सरकार ने लोकसभा में बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। सरकार ने साफ कहा है कि प्रीपेड स्मार्ट मीटर अनिवार्य नहीं हैं, बल्कि यह उपभोक्ता की पसंद पर आधारित व्यवस्था है। इसका मतलब यह है कि Electricity Act, 2003 के तहत सभी मौजूदा उपभोक्ताओं पर प्रीपेड मीटर थोपना कानून की सीधी शर्त नहीं माना जा सकता। यह जवाब केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 2 अप्रैल 2026 को लोकसभा में दिया। सवाल नगीना सांसद चंद्रशेखर और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने उठाया था। सरकार ने अपने लिखित जवाब में कहा कि Section 47(5) के तहत उपभोक्ता यदि प्री-पेमेंट मीटर के जरिए बिजली लेना चाहता




