खरीफ फसलों के समर्थन मूल्य पर 24 फरवरी को अहम बैठक, किसानों के मुद्दे उठाएंगे धर्मेन्द्र मलिक
मुजफ्फरनगर। वर्ष 2026-27 की खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के निर्धारण को लेकर 24 फरवरी को नई दिल्ली स्थित डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर में केन्द्र सरकार के किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन कार्य करने वाले कृषि लागत एवं मूल्य आयोग द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में देशभर के किसान संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक को भी आयोग के सदस्य सचिव सरियक जॉर्ज की ओर से आधिकारिक पत्र भेजकर बैठक में प्रतिभाग करने के लिए आमंत्रित किया गया है।
किसान नेता धर्मेन्द्र मलिक ने इस सम्बंध में जानकारी देते हुए बताया कि संगठन की ओर से इस बैठक में किसानों के हक और हितों को मजबूती से रखने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने कहा कि वास्तविक लागत के आधार पर उचित समर्थन मूल्य तय किया जाना समय की आवश्यकता है, क्योंकि बीज, खाद, डीजल और मजदूरी की लागत में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंडी और भुगतान व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित कराना संगठन की प्राथमिकता में शामिल रहेगा, ताकि किसानों को उनकी उपज का समय पर और पारदर्शी भुगतान मिल सके।
उन्होंने किसानों, बुद्धिजीवियों और क्षेत्रवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे इस अवसर के लिए अपने सुझाव अवश्य दें, जिससे आयोग के समक्ष मजबूती से किसानों का पक्ष रखा जा सके। उन्होंने विशेष रूप से पूछा है कि किन फसलों के समर्थन मूल्य पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए, बढ़ती लागत को लेकर किसानों को किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है तथा खरीद, भुगतान और मंडी व्यवस्था में कौन से ठोस सुधार आवश्यक हैं। धर्मेन्द्र मलिक ने कहा कि किसानों के सुझाव ही उनकी आवाज बनकर इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रस्तुत होंगे और सरकार के समक्ष प्रमुख मुद्दों को प्रभावी ढंग से रखा जाएगा।






