शिक्षामित्र मानदेय बढ़ोतरी एक अप्रैल से लागू

Confident smiling Indian school teacher with students in background

शिक्षामित्र मानदेय बढ़ोतरी की घोषणा के साथ ही प्रदेश के शिक्षामित्रों का लगभग नौ साल का लंबा संघर्ष समाप्त हो गया है। विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानदेय लगभग दोगुना करने और कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का ऐलान किया, जो एक अप्रैल से लागू होगा। 2017 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा समायोजन निरस्त होने के बाद शिक्षामित्रों का मानदेय 35-40 हजार रुपये से घटकर 10 हजार रुपये रह गया था। तब से वे लगातार आंदोलनरत थे।

शिक्षामित्र मानदेय बढ़ोतरी: सुप्रीम कोर्ट के बाद लंबा वनवास

प्रदेश में 1999 में सर्व शिक्षा अभियान के तहत शिक्षामित्रों की नियुक्ति शुरू हुई थी। समय के साथ इनकी संख्या बढ़ी और 2009 तक बड़ी संख्या में तैनाती की गई। दो चरणों में नियमित किए जाने के बाद लगभग 1.50 लाख से अधिक शिक्षामित्रों को 35-40 हजार रुपये वेतन मिलने लगा था। लेकिन टीईटी पास न होने के कारण 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने समायोजन निरस्त कर दिया, जिससे मानदेय घटकर 10 हजार रुपये हो गया। अब सरकार ने उनका मानदेय लगभग दोगुना करने की घोषणा की है।

इसे भी पढ़ें:  लखनऊ गैस संकट: न नया कनेक्शन, न रिफिलिंग, काम ठप

1.43 लाख परिवारों को मिलेगा लाभ

उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला, महामंत्री सुशील यादव और संगठन मंत्री कौशल कुमार सिंह ने निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से प्रदेश के 1.43 लाख शिक्षामित्र परिवारों के जीवन स्तर में सुधार आएगा और वे अधिक मनोयोग से शिक्षण कार्य करेंगे।

कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी शामिल

हाल ही में प्रदेश सरकार ने शिक्षकों के साथ शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को भी पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा में शामिल किया है। इससे स्वास्थ्य सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।

इसे भी पढ़ें:  26 मार्च को प्रशिक्षु आरक्षियों की अंतिम परीक्षा, तैयारियों का निरीक्षण

अनुदेशकों के मानदेय में भी बढ़ोतरी

2013-14 में जूनियर हाईस्कूल में लगभग 25 हजार अनुदेशकों की नियुक्ति 7000 रुपये मानदेय पर हुई थी। 2017 में 1400 रुपये की बढ़ोतरी हुई, लेकिन बाद में मानदेय फिर 7000 रुपये कर दिया गया। नवंबर 2021 में इसे बढ़ाकर 9000 रुपये किया गया। अब इसे 9000 से बढ़ाकर 17000 रुपये करने की घोषणा की गई है।

शिक्षामित्र: प्रमुख घटनाक्रम

  • 26 मई 1999: योजना लागू, 1450 रुपये मानदेय

  • 2000-2001: बढ़कर 2250 रुपये

  • अक्तूबर 2005: 2400 रुपये

  • 15 जून 2007: 3000 रुपये

  • 11 जुलाई 2011: दो वर्षीय प्रशिक्षण आदेश

  • 23 जुलाई 2012: समायोजन का निर्णय

  • 19 जून 2014: 60442 शिक्षामित्रों का समायोजन

  • 08 अप्रैल 2015: 77075 शिक्षामित्रों का समायोजन

  • 12 सितंबर 2015: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने समायोजन निरस्त किया

  • 07 दिसंबर 2015: सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई

  • 25 जुलाई 2017: सुप्रीम कोर्ट ने समायोजन निरस्त किया

  • 01 अगस्त 2017: मानदेय 10 हजार रुपये हुआ

इसे भी पढ़ें:  मुजफ्फरनगर-वीआईपी नंबर के नाम पर किसान परिवार से की ठगी

(शिक्षामित्रों से मिली जानकारी के अनुसार)

शिक्षामित्र मानदेय बढ़ोतरी के इस निर्णय से लंबे समय से संघर्ष कर रहे शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बड़ी राहत मिली है। अब एक अप्रैल से नई व्यवस्था लागू होने के साथ प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में स्थिरता आने की उम्मीद जताई जा रही है।

Also Read This

मुजफ्फरनगर-रिश्वत मांगने के आरोप में लेखपाल निलंबित, विभागीय जांच शुरू

भाकियू (अराजनैतिक) के धरने और ऑडियो साक्ष्यों के बाद प्रशासन की कार्रवाई, दो अलग-अलग मामलों में रिश्वत मांगने के आरोप हुए साबित मुजफ्फरनगर। तहसील क्षेत्र जानसठ के लच्छेड़ा क्षेत्र में तैनात लेखपाल बिजेन्द्र कुमार को रिश्वत मांगने के आरोपों के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामले में विभागीय जांच भी बैठा दी गई है। भाकियू (अराजनैतिक) के धरने और प्रस्तुत किए गए ऑडियो साक्ष्यों के आधार पर प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। जानकारी के अनुसार, लेखपाल बिजेन्द्र कुमार पर दो अलग-अलग मामलों में कुल 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप लगे थे। आरोपों से संबंधित दो ऑडियो भी वायरल हुए थे, जिनमें कथित

Read More »

मुजफ्फरनगर में ईंट भट्ठे पर हादसाः दीवार गिरने से मजदूर की मौत

सिसौली गांव स्थित भट्ठे पर ईंट निकालते समय हुआ हादसा, पुलिस ने शुरू की जांच मुजफ्फरनगर। भौराकलां थाना क्षेत्र के सिसौली गांव में स्थित एक ईंट भट्ठे पर सोमवार को काम के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई। ईंट निकालने के दौरान अचानक दीवार भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी। इसे भी पढ़ें:  मुजफ्फरनगर में पश्चिम बंगाल सीएम के पीए का कातिल गिरफ्तारजनपद के भौराकलां थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सिसौली में सोमवार को एक ईंट

Read More »

कालाबाजारीः मुजफ्फरनगर से हरियाणा भेजा जा रहा था किसानों को मिलने वाला यूरिया

गिरोह सरकारी अनुदान पर उपलब्ध होने वाली यूरिया खाद को अवैध रूप से खरीद कर प्राइवेट फैक्ट्रियों में महंगे दामों पर बेच रहा था

Read More »