ईरान पर इस्राइल-अमेरिका हमला के बाद मिसाइल जवाब

ईरान पर इस्राइल-अमेरिका हमला की पुष्टि रक्षा सूत्रों ने की है। शनिवार सुबह करीब 11.30 बजे हमले की पहली जानकारी सामने आई। इसके बाद इस्राइल के रक्षा बलों ने सुबह करीब 11.45 बजे अपने आधिकारिक मंच पर बताया कि पूरे इस्राइल में साइरन बजाए गए हैं और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों के पास रहने के निर्देश दिए गए हैं। हमले के बाद तेहरान और आसपास के इलाकों में धमाकों की खबरें आई हैं।

द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, हमला तेहरान और उसके आसपास केंद्रित रहा। ईरानी अखबार शार्घ ने बताया कि अयातुल्ला अली खामेनेई के ठिकाने के पास भी धमाका हुआ। तेहरान में राष्ट्रपति आवास और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद कार्यालय के पास धुआं उठता देखा गया। तेहरान के अलावा कॉम, इशफान, करमनशाह, कराज और लोरेस्तान में भी हमले की जानकारी सामने आई है। ईरान रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर के खुफिया निदेशालय को भी निशाना बनाए जाने की खबर है।

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ईरान पर इस्राइल-अमेरिका हमला के बाद इस्राइल ने आपातकाल घोषित कर अपना हवाई क्षेत्र पूरी तरह बंद कर दिया। वाणिज्यिक उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस्राइली सैन्य बलों ने जनता को संभावित मिसाइल हमले के प्रति सतर्क किया है। ईरान ने भी अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। रॉयटर्स के अनुसार, अयातुल्ला अली खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान ने भी इस्राइल पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया है। इस्राइली रक्षा बलों ने मिसाइलों को डिटेक्ट करने की बात कही है।  कतर स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। इराक ने भी हालात को देखते हुए अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने मंच पर वीडियो जारी कर कहा कि ईरानी शासन से उत्पन्न खतरे को खत्म करना और अमेरिकी नागरिकों की रक्षा करना उनका उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि ईरान की गतिविधियां अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए सीधा खतरा हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि इस कार्रवाई में अमेरिका को कुछ नुकसान हुआ है।

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ईरान पर इस्राइल-अमेरिका हमला के बाद भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से अभी तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि इस्राइल में भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने और स्थानीय सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। गुरुवार को स्टीव विटकॉफ और जैरेड कुशनर ने जेनेवा में ईरानी अधिकारियों से बातचीत की थी, लेकिन वार्ता का कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत से संतुष्ट नहीं हैं। शनिवार सुबह अमेरिका ने ईरान को लोगों को अवैध रूप से हिरासत में रखने वाला देश करार दिया। इस घटनाक्रम के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और गहरा गया है।

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