पॉइंट-आधारित ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम लागू करने की तैयारी सरकार कर रही है। प्रस्तावित योजना के तहत बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वाले चालकों का लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है। सड़क सुरक्षा को सख्त बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है। नई दिल्ली में आयोजित नेशनल कॉन्क्लेव ऑन रोड सेफ्टी में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने इस दिशा में संकेत दिए।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हर साल लगभग 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें करीब 1.8 लाख लोगों की मौत हो जाती है। सरकार का मानना है कि लापरवाह ड्राइविंग और नियमों की अनदेखी इसके मुख्य कारण हैं।मंत्री के मुताबिक, अधिकतर दुर्घटनाएं इन वजहों से होती हैं:
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वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल
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तेज रफ्तार
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गलत दिशा में वाहन चलाना
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शराब के नशे में ड्राइविंग
जुर्माने बढ़ाए जाने के बावजूद नियमों के पालन में अभी भी कमी देखी जा रही है। प्रस्तावित पॉइंट-आधारित ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम के तहत: हर लाइसेंस पर निश्चित संख्या में पॉइंट होंगे, प्रत्येक ट्रैफिक उल्लंघन पर पॉइंट काटे जाएंगे, सभी पॉइंट खत्म होने पर लाइसेंस 6 महीने के लिए सस्पेंड हो सकता है, बार-बार उल्लंघन पर लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था जल्द लागू की जा सकती है। आंकड़ों के मुताबिक, सड़क हादसों में जान गंवाने वालों में 72 प्रतिशत लोग 18 से 45 वर्ष की उम्र के हैं।
इसके अलावा, 18 साल से कम उम्र के 10,119 बच्चे भी दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। यह स्थिति सड़क सुरक्षा को गंभीर मुद्दा बनाती है। सरकार का स्पष्ट कहना है कि पॉइंट-आधारित ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि जिम्मेदार ड्राइविंग को बढ़ावा देना है। सख्त नियमों के जरिए सड़क पर अनुशासन लाना और हादसों की संख्या कम करना ही इस पहल का मुख्य लक्ष्य है।





