ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पड़ोसी देशों से माफी मांगते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब ईरान पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करेगा और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सहयोग चाहता है।सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि जिन पड़ोसी देशों पर हमले हुए हैं उनसे माफी मांगना जरूरी है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने बताया कि सैन्य बलों को स्पष्ट आदेश दे दिया गया है।
उन्होंने कहा, “सैन्य बलों को निर्देश दिया गया है कि अब से पड़ोसी देशों पर तब तक हमला न किया जाए जब तक उन पर पहले हमला न हो।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान का पड़ोसी देशों के खिलाफ किसी प्रकार की आक्रामक कार्रवाई करने का कोई इरादा नहीं है। पेजेशकियन ने अपने संदेश में कहा कि ईरान क्षेत्र में शांति और स्थिरता चाहता है। उन्होंने कहा, “हम शांति और सुकून कायम करने के लिए इलाके में सहयोग की अपील करते हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग इस अवसर का फायदा उठाकर ईरान पर हमला करने की सोच रहे हैं, उन्हें साम्राज्यवाद की कठपुतली नहीं बनना चाहिए। ईरानी राष्ट्रपति ने अपने बयान में कहा कि इजरायल या अमेरिका का समर्थन करना सम्मान और स्वतंत्रता का रास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय देशों को किसी बाहरी दबाव में आने के बजाय शांति और सहयोग का रास्ता अपनाना चाहिए। इससे पहले सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि देश के सैन्य ठिकानों और तेल केंद्रों पर हुए सिलसिलेवार मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद ईरान को किसी भी तरह की गलतफहमी और गलत आकलन से बचना चाहिए।
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को बयान जारी कर बताया कि अमेरिकी सैन्य कर्मियों की मौजूदगी वाले एक एयर बेस और एक प्रमुख तेल क्षेत्र को निशाना बनाकर किए गए हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया गया। मंत्रालय के अनुसार, राजधानी रियाद के दक्षिण-पूर्व स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को बीच में ही रोककर नष्ट कर दिया गया। सऊदी प्रेस एजेंसी ने यह भी पुष्टि की कि इसी एयर बेस पर एक और मिसाइल हमला हुआ था, जिसे सेना ने विफल कर दिया।
इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात की सीमा के पास स्थित शयबाह तेल क्षेत्र को निशाना बनाकर किए गए कई ड्रोन हमलों को भी सेना ने नाकाम कर दिया। रियाद के पूर्व में हुए एक अन्य ड्रोन हमले को भी सुरक्षा बलों ने समय रहते विफल कर दिया। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था, जिसके बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का यह बयान सामने आया है।






