ईरान-अमेरिका जंग का पड़ा गहरा असर, होटलों-ढाबों की भट्टियां हुई ठंडी, बंद होने लगे घरों के चूल्हे, जनजीवन प्रभावित
मुजफ्फरनगर। ईरान के साथ जारी युद्ध का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित होने से मुजफ्फरनगर में एलपीजी संकट गहराने लगा है। तेल कंपनियों के नए नियमों के चलते जहां घरेलू उपभोक्ताओं को गैस के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई बंद होने से होटल, ढाबे और फास्ट फूड कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसके साथ ही घरों में भी चूल्हा गैस किल्लत के कारण नरम पड़ने लगा है, लोग गैस सिलेंडर का जुगाड़ करने के लिए भयंकर रूप से सड़कों पर भटकते दिखाई दे रहे हैं।
मुजफ्फरनगर जनपद में इन दिनों एलपीजी गैस की किल्लत गंभीर रूप लेती जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैदा हुए संकट और खाड़ी क्षेत्र में जारी युद्ध के चलते गैस आपूर्ति प्रभावित हो गई है। इसके परिणामस्वरूप तेल कंपनियों ने गैस बुकिंग और वितरण के नियमों में बदलाव कर दिए हैं, जिससे उपभोक्ताओं और कारोबारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नए नियमों के अनुसार घरेलू गैस उपभोक्ताओं को अब दूसरा सिलेंडर 25 दिन के अंतराल के बाद ही बुक करने की अनुमति दी जा रही है। वहीं होटल, ढाबों के साथ ही चाट-पकौड़ी, हलवाई और फास्ट फूड दुकानों में उपयोग होने वाले कॉमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति फिलहाल पूरी तरह रोक दी गई है। इस फैसले से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में खान-पान की दुकानों की गैस भट्टियां ठंडी पड़ने लगी हैं।
शहर हो या गांव देहात सभी कंपनियों की गैस एजेंसियों पर हालात यह हैं कि सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं। लोग अपने बुकिंग नंबर के साथ सिलेंडर लेने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। गैस एजेंसियों की होम डिलीवरी तो बुरी तरह से प्रभावित बनी नजर आ रही है। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि बुकिंग के बाद उन्हें ओटीपी नहीं मिल रहा, जिसके कारण सिलेंडर प्राप्त करने में बाधा उत्पन्न हो रही है। कई लोग दिनभर एजेंसियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
रुड़की रोड पर दो गैस एजेंसियों के गोदामों पर सिलेडर लिए लोग परेशान घूमते नजर आए। यहां पर मंगलवार की सुबह से ही काफी संख्या में लोग अपने घरों के रिफिल सिलेंडर लेकर आपूर्ति पाने के लिए भटक रहे थे। इन परेशान कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस खत्म होने के कारण उन्हें मजबूरी में लकड़ी और कोयले से खाना बनाना पड़ रहा है। एक महिला ने बताया कि ओटीपी न मिलने से गैस नहीं मिल पा रही और बच्चों के लिए भोजन बनाने में भी कठिनाई हो रही है। शहर की प्रमुख गैस एजेंसियों पर भीड़ और अव्यवस्था का माहौल देखने को मिल रहा है। एजेंसी कर्मियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण गैस की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए ही कॉमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति फिलहाल रोक दी गई है। गैस एजेंसी के गोदाम प्रभारी के अनुसार ओटीपी से जुड़ी समस्या तकनीकी है, जिसे जल्द ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे बुकिंग की पुष्टि होने के बाद ही एजेंसी पर आएं, ताकि अनावश्यक भीड़ और परेशानी से बचा जा सके।
नियम हुए सख्त: अब 25 दिन बाद ही होगी गैस सिलेंडर की बुकिंग
केंद्र सरकार ने संकट को देखते हुए सख्त दिशा निर्देश जारी किए हैं, इसके तहत तेल कंपनियों ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर की रीफिल बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। अब उपभोक्ता एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दूसरा सिलेंडर 21 दिन की पूर्व व्यवस्था के बजाय 25 दिन बाद ही बुक कर सकेंगे। सरकार ने यह कदम गैस की जमाखोरी रोकने और आपूर्ति को संतुलित बनाए रखने के लिए मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नए नियम लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को अगले सिलेंडर की बुकिंग के लिए चार दिन अधिक इंतजार करना होगा। गैस एजेंसियों को भी इसके संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
जिले में 52 गैस एजेंसियां, छह लाख से अधिक उपभोक्ता प्रभावित
जिला आपूर्ति अधिकारी हरिओम उपाध्याय ने बताया कि ईरान के साथ जारी जंग के कारण बने हालातों को देखते हुए जनपद में तेल और गैस की आपूर्ति पर विभाग लगातार नजर बनाए हुए है। गैस एजेंसियों से नियमित संपर्क कर निगरानी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल जनपद में गैस या तेल की आपूर्ति को लेकर बड़ा संकट नहीं है। कंपनियों ने केवल कुछ नियमों में बदलाव किया है। इनके तहत होटल और ढाबों के लिए कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति तत्काल प्रभाव से बंद की गई है, जबकि घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। बुकिंग अवधि में चार दिन बढ़ाये गये हैं। आॅनलाइन बुकिंग के बाद चार से छह दिनों के भीतर सिलेंडर की होम डिलीवरी की जा रही है। उपभोक्ताओं को गोदामों पर जाने की आवश्यकता नहीं है। जनपद में विभिन्न कंपनियों की 52 एलपीजी गैस एजेंसियां संचालित हैं, जिन पर छह लाख से अधिक उपभोक्ता पंजीकृत हैं। माना जा रहा है कि इन उपभोक्ताओं पर इस संकट का प्रभाव पड़ने लगा है।
आईजीएल बनी सहारा, 35 हजार घरों में जारी पीएनजी आपूर्ति
जंग के हालातों के बीच एलपीजी संकट की समस्या में इन्द्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने जनपद के करीब 35 हजार घरों में पीएनजी के जरिए गैस आपूर्ति जारी रखी है। कंपनी के चीफ जनरल मैनेजर दिलीप कुमार के अनुसार गैस की सप्लाई गेल की पाइपलाइन से हो रही है और ख्यावड़ी (शामली) स्थित सेंटर से मुजफ्फरनगर, शामली व मेरठ को गैस भेजी जाती है। कंपनी के पास भरपूर पीएनजी और सीएनजी है।
इन तीनों जनपद में 41 सीएनजी स्टेशन संचालित हैं और कहीं भी आपूर्ति की कमी नहीं है। जिन घरों में मीटर लग चुके हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कनेक्शन शुरू किया जा रहा है। आईजीएल की टीम करीब 12 हजार ऐसे उपभोक्ताओं से संपर्क कर रही है, जिन्होंने अभी तक अपना कनेक्शन शुरू नहीं कराया है। कंपनी ने एलपीजी उपभोक्ताओं को पीएनजी में शिफ्ट होने की सुविधा भी देने की बात कही है।






