एलपीजी संकट को लेकर संसद में जोरदार हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों के सांसदों ने सरकार पर गलत जानकारी देने और कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई रोकने का आरोप लगाया। हंगामा इतना बढ़ गया कि लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। विपक्ष का कहना है कि देश के कई हिस्सों में गैस की कमी से ढाबे, रेस्तरां और होटल बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार एलपीजी संकट को लेकर सच्चाई नहीं बता रही है।
उन्होंने कहा कि गैस एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई न करें, जिसके कारण बाजार में गैस की भारी किल्लत हो गई है। वेणुगोपाल ने कहा कि हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और सरकार जनता से सच्चाई छिपा रही है। एलपीजी संकट को लेकर कांग्रेस ने संसद के बाहर भी प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में प्रियंका गांधी भी शामिल रहीं। विपक्षी नेताओं ने कहा कि गैस की कमी का असर आम लोगों और छोटे कारोबारियों पर सीधे तौर पर पड़ रहा है।
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार एलपीजी संकट से निपटने में विफल रही है और हमेशा मांग और आपूर्ति का तर्क देकर महंगाई को सही ठहराने की कोशिश करती है। उनका कहना था कि पहले हवाई किरायों में तेजी से बढ़ोतरी हुई, लेकिन सरकार ने उसे नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। बताया जा रहा है कि एलपीजी संकट के कारण देश के कई बड़े शहरों में घबराहट का माहौल बन गया है। बेंगलुरु, चेन्नै, मुंबई और दिल्ली समेत कई शहरों में रेस्तरां और होटल संचालकों ने गैस की कमी की शिकायत की है। उनका कहना है कि एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिलने के कारण सेवाएं जारी रखना मुश्किल हो रहा है।
गैस की कमी के बीच कई जगहों पर एलपीजी की कालाबाजारी की भी खबरें सामने आ रही हैं। गली-मोहल्लों तक इसका असर दिख रहा है और चाय जैसे सामान्य पेय के दाम भी बढ़ने लगे हैं। सरकार ने एलपीजी संकट से निपटने के लिए एस्मा लागू किया है। इसके तहत घरेलू गैस सिलेंडरों और सीएनजी को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि उद्योगों और कॉमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई कुछ कम करने की बात कही गई है। विपक्ष का कहना है कि यदि यही स्थिति जारी रही तो आगे चलकर घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई भी प्रभावित हो सकती है।






