सपा कार्यालय में मनाये गये बहुजन समाज दिवस में सपा विधायक पंकज मलिक ने कहा था-गुंडे आप हो, आपकी मानसिकता में गुंडई है…
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार के खिलाफ सपा विधायक पंकज मलिक और जिलाध्यक्ष जिया चौधरी के बयानों से नाराज समर्थकों ने पुरकाजी में प्रदर्शन कर सपा विधायक पंकज मलिक का पुतला फूंकते हुए कड़ी नाराजगी जाहिर की है।
उत्तर प्रदेश सरकार में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री तथा पुरकाजी से रालोद विधायक अनिल कुमार के खिलाफ सपा विधायक पंकज मलिक और जिलाध्यक्ष जिया चौधरी के बयान ने राजनीति में उबाल ला दिया है। एक दिन पहले रविवार को सपा कार्यालय महावीर चौक पर बहुजन नायक कांशीराम की जयंती पर हुए बहुजन समाज दिवस कार्यक्रम में दोनों नेताओं ने कैबिनेट मंत्री पर जुबानी हमला करते हुए गुंडा, धोखेबाज और दोगला जैसे आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। इससे कैबिनेट मंत्री के समर्थकों में गुस्सा भड़क गया है। सोमवार को लोगों ने पुरकाजी में नारेबाजी के साथ प्रदर्शन कर सपा विधायक का पुतला फूंका।

रविवार को महावीर चौक पर स्थित समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर कांशीराम जयंती का कार्यक्रम हुआ। उसमें चरथावल से सपा विधायक पंकज मलिक ने कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार के खिलाफ तीखा राजनीतिक बयान दिया। उन्होंने कहा था कि एक ऐसा व्यक्ति जो समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के परिश्रम पर, अखिलेश यादव की मेहरबाजी से समाजवार्टी पार्टी के वोट पाकर सत्ता में पहुंचा और मंत्री बना, वह आज सपा नेताओं के बारे में अपशब्द कहता है, अखिलेश यादव पर टिप्पणी करता है, जबकि हैसियत अखिलेश जी के सामने खड़े होकर बोलने की भी नहीं थी।
पंकज मलिक सिर्फ यही नहीं रुके और कहा कि सपा नेताओं को गुंडा कहते हो, अरे गुंडे आप हो, आपकी मानसिकता में गुंडई है, आपने अहंकार वालों को लोकसभा चुनाव लड़ाया, अहंकार को पालने का काम किया, आपसे ज्यादा अहंकार किसी में नहीं है, सपा कार्यकर्ताओं को धोखा देने का काम किया। जनता आपको सबक जरूर सिखायेगी। वहीं, सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने भी कहा कि पुरकाजी सीट से जिस व्यक्ति को सपा कार्यकर्ताओं ने रात दिन कड़ी मेहनत कर चुनाव जिताया, वह दूसरे पाले में खड़े हो गए। जिलाध्यक्ष ने यहां दोगला शब्द का भी इस्तेमाल किया। सपा के इन दोनों नेताओं का कार्यक्रम का संबोधन एक वीडियो के रूप में सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। इसको लेकर मंत्री अनिल कुमार की कोई प्रतिक्रिया तो नहीं आई, लेकिन उनके समर्थकों में कड़ी नाराजगी बनी है।






