नेपाल- खोटांग जिले में बुधवार को एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। इस हादसे में एक यात्री घायल हुआ है जबकि पायलट और अन्य लोग सुरक्षित हैं। नेपाल के पूर्वी हिस्से में स्थित खोटांग जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां एयर डायनेस्टी कंपनी का एक हेलीकॉप्टर लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह हेलीकॉप्टर काठमांडू से एक शव लेकर खोटांग पहुंचा था। हादसे के समय हेलीकॉप्टर में पायलट समेत कुल छह लोग सवार थे। गनीमत रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई। हालांकि एक यात्री को चोटें आई हैं। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा सुबह करीब 11 बजकर 51 मिनट पर हुआ। एयर डायनेस्टी का हेलीकॉप्टर 9एन-एएसक्यू खोटांग जिले में उतरने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान वह असंतुलित होकर जमीन पर गिर गया। खोटांग की मुख्य जिला अधिकारी रेखा कंडेल ने बताया कि हेलीकॉप्टर में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं और केवल एक व्यक्ति को मामूली चोट लगी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लैंडिंग के समय वहां काफी तेज हवा चल रही थी। धूल और तेज हवा के कारण पायलट को लैंडिंग में दिक्कत हुई और हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। कंपनी के अनुसार, पायलट सबिन थापा हेलीकॉप्टर उड़ा रहे थे। हेलीकॉप्टर कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि पायलट और अन्य यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। हादसे की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिया। घायल यात्री को अस्पताल पहुंचाने और रेस्क्यू के लिए कंपनी ने एक दूसरा हेलीकॉप्टर मौके पर भेजा है। अन्य यात्रियों और पायलट को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। पुलिस और स्थानीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।

कैलावड़ा कांटे के पास दर्दनाक सड़क हादसा: ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आए माता- पिता- पुत्र, की मौत, ग्रामीणों ने लगाया जाम
मुजफ्फरनगर/खतौली। कोतवाली थाना क्षेत्र के गांव कैलावड़ा कांटे के निकट शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार माता,पिता-पुत्र की मौके पर ही मौत हो गई,हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई। गुस्साए ग्रामीणों ने घटनास्थल पर जाम लगा दिया। पुलिस ने मृतको के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके पर एसडीएम तथा सीओ ने गुसाई भीड़ को काफी समझने का प्रयास किया। समाचार लिखे जाने तक जाम की स्थिति बनी रही, वार्ता जारी रही। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव छछरपुर निवासी सोनू अपने पिता राजकुमार और माता महेंद्री को बाइक पर बैठाकर फलावदा किसी जरूरी कार्य से जा रहा था।





