Khatauli News: खतौली के श्री दिगम्बर जैन मंदिर पिसनोपाड़ा में श्रुतसप्ताह के अंतर्गत त्रिदिवसीय तीन लोक विधान का भव्य शुभारंभ हुआ। धार्मिक अनुष्ठान, मंगल कलश यात्रा और विधान की विधिवत क्रियाओं के बीच जैन श्रद्धालुओं ने भक्ति और उल्लास के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। आयोजन में बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत जाप्यनुष्ठान और कलश स्थापना से हुई। उदयपुर से पधारे विधानाचार्य श्री हिमालय शास्त्री ने वैदिक और धार्मिक रीति से सभी क्रियाएं संपन्न कराईं। इसके बाद मंगल कलश यात्रा मुकेश आढ़ती के निवास स्थान से शुरू होकर जिनमंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से यात्रा का स्वागत किया।

जैन ध्वजारोहण और मंडप पर विशेष स्थापना
मंगल कलश यात्रा के बाद शशांक सर्राफ परिवार द्वारा जैन ध्वजारोहण किया गया। इसके उपरांत मंडप के चारों कोनों पर कलश स्थापना की गई। मंडप में पंच परमागम विराजमान किए गए, जबकि स्वर्ण अक्षरों में लिखित तत्वार्थ सूत्र को बाल ब्रह्मचारी श्रेणिक जी ने विराजमान कराया।
विधान के दौरान पांच मेरु, आठ मंगल द्रव्य और आठ प्रातिहार्य की स्थापना भी की गई। पूरा वातावरण धार्मिक संगीत, मंत्रोच्चार और श्रद्धा से ओतप्रोत बना रहा।

विभिन्न भूमिकाओं में श्रद्धालुओं ने निभाई जिम्मेदारी
विधान में सौधर्म इंद्र के रूप में शशांक जैन, यज्ञ नायक के रूप में राहुल जैन पैकर्स, कुबेर इंद्र के रूप में शशांक जैन आर्किटेक्ट और चक्रवर्ती के रूप में मुकेश जैन को जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अलावा अन्य इंद्रों के रूप में कुलदीप जैन, राजकुमार जैन, अनन्त वीर्य जैन, गौरव सर्राफ, नवीन जैन, संदीप जैन और प्रतीक जैन की सहभागिता रही।
आयोजन में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने संगीतमय ध्वनि और भक्ति भाव के साथ विधान का आनंद लिया। धार्मिक वातावरण ने पूरे मंदिर परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
अहंकार छोड़ने और आत्मचिंतन का संदेश
कार्यक्रम में दिल्ली से पधारे डॉ. वीर सागर जैन ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन से अहंकार को दूर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अहंकार व्यक्ति के पुण्य कार्यों को भी निष्फल कर सकता है। उनका कहना था कि जीव मात्र ज्ञाता और द्रष्टा है, इसलिए हर व्यक्ति को अपने भीतर ज्ञाता बनने का प्रयास करना चाहिए।
डॉ. वीर सागर जैन के प्रवचन को श्रद्धालुओं ने गंभीरता से सुना। वक्तव्य के दौरान धर्म, आत्मचिंतन और वैराग्य पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया।
इस अवसर पर हितेश जैन, दीपक जैन भैंसी, अनिल जैन होंडा, ऋषभ जैन, राहुल जैन, विनय जैन, मदन जैन, अभय जैन, रजनी जैन, शिल्पी जैन, अंजू जैन, रीतू जैन, सरिता जैन, आयुषी जैन, राखी जैन, प्रियंका जैन, शैलबाला जैन सहित बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आयोजकों ने बताया कि त्रिदिवसीय तीन लोक विधान के आगामी दिनों में भी धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन और सांस्कृतिक-आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।






