पति युधिष्ठिर का सम्मान बचाने को अनशन पर बैठेंगी सपा नेत्री मोनिका

महावीर चैक प्रकरण में सपा नेत्री ने पुलिस पर लगाए एकतरफा कार्रवाई के आरोप, डीएम से मिलकर सौंपा प्रार्थना पत्र

धरने के दौरान अभद्रता और जातिसूचक टिप्पणी का लगाया कुलदीप पर आरोप, कहा- शिकायत के बावजूद आरोपित पर कार्रवाई नहीं हुई

मुजफ्फरनगर। समाजवादी पार्टी की नेत्री डॉ. मोनिका, निवासी पचैंडा कलां, ने बुधवार को जिलाधिकारी से मुलाकात कर महावीर चैक प्रकरण में पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि धरना स्थल पर उनके साथ अभद्रता की गई, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया गया, लेकिन उनकी शिकायत के बावजूद पुलिस ने आरोपित के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगी।

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से बुधवार को मुलाकात के बाद दिए गए प्रार्थना पत्र के बाद मीडिया से बातचीत में सपा नेत्री डॉ. मोनिका ने बताया कि 21 जुलाई को जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा किए गए प्रदर्शन और उनकी गिरफ्तारी के विरोध में पार्टी कार्यकर्ता महावीर चैक पर रात्रि धरने पर बैठे थे। इसी दौरान कुलदीप नाम का एक व्यक्ति कथित रूप से शराब के नशे में धरना स्थल पर पहुंचा और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस व्यक्ति ने उनके पति युधिष्ठिर पहलवान, जो उस समय धरने को संबोधित कर रहे थे, के खिलाफ भी अपशब्दों का प्रयोग किया।

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डॉ. मोनिका का कहना है कि घटना के तत्काल बाद 21 जुलाई को ही पुलिस को शिकायत दी गई थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत, कुलदीप की तहरीर के आधार पर पुलिस ने उनके और उनके पति युधिष्ठिर पहलवान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया तथा युधिष्ठिर पहलवान को जेल भेज दिया। उन्होंने बताया कि बाद में दोनों को न्यायालय से जमानत मिल गई। उन्होंने बताया कि 27 जुलाई को समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष जिया चैधरी के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी प्रार्थना पत्र देकर कुलदीप के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 29 जुलाई को उन्होंने जिलाधिकारी से मिलकर पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और पुलिस की कथित एकतरफा कार्रवाई पर हस्तक्षेप की मांग की।

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कुलदीप की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के संबंध में पूछे गए सवाल पर डॉ. मोनिका ने कहा कि संबंधित व्यक्ति शराब के नशे में धरना स्थल पर पहुंचा था और उनके साथ बदसलूकी करने के साथ ही उनके पति का भी अपमान किया था। उन्होंने कहा कि इस घटना से उनके पति आक्रोशित हो गए थे, जो परिस्थितियों के अनुसार स्वाभाविक प्रतिक्रिया थी। डॉ. मोनिका ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य भीड़ जुटाना या राजनीतिक लाभ लेना नहीं है, बल्कि न्याय प्राप्त करना है।

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