कटगोड़ी गांव में दो गुटों के बीच विवाद हिंसा में बदला, फॉर्च्यूनर में आग लगने से भरत सिंह की मौत, चार आरोपी गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत खनन के कारोबार से जुड़ी पुरानी रंजिश ने मंगलवार रात बड़ा खूनी रूप ले लिया। सोनहत तहसील के कटगोड़ी गांव में दो गुटों के बीच हुए टकराव में भाजपा नेता भरत सिंह सहित तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल बताए गए हैं। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब कुछ लोग टोयोटा फॉर्च्यूनर और स्कोडा कार में सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान विरोधी पक्ष के लोगों ने कथित रूप से उन पर हमला कर दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने फॉर्च्यूनर को टिपर ट्रक से कई बार टक्कर मारी, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसके दरवाजे जाम हो गए। बताया जा रहा है कि अंदर बैठे लोग बाहर नहीं निकल सके और बाद में गाड़ी में आग लग गई।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि फॉर्च्यूनर में सवार लोग खिड़कियां तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन हमलावरों ने उन पर भी हमला किया। इस घटना में भरत सिंह की मौके पर ही आग की चपेट में आने से मौत हो गई। फॉर्च्यूनर में सवार नागेंद्र सिंह करीब 80 प्रतिशत झुलस गए थे। उन्हें इलाज के लिए रायपुर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई।
हमलावरों ने स्कोडा कार को भी निशाना बनाया। स्कोडा में सवार वीरेंद्र प्रताप सिंह को धारदार हथियार से गंभीर चोटें आई थीं। उन्हें पहले बैकुंठपुर जिला अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। दो अन्य घायलों को रायपुर भेजा गया है।
पुलिस के मुताबिक, यह मामला भरत सिंह और मनोज त्रिपाठी परिवारों के बीच लंबे समय से चली आ रही रंजिश से जुड़ा बताया जा रहा है। दोनों परिवार मूल रूप से कटगोड़ी के पास स्थित नगोई गांव के निवासी हैं। भरत सिंह का परिवार फिलहाल बैकुंठपुर में रहता था और कटगोड़ी क्षेत्र में रेत खनन व पत्थर तोड़ने के कारोबार से जुड़ा था।
अधिकारियों के अनुसार, घटना से पहले दोनों पक्षों के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद भरत सिंह और उनके साथी कथित रूप से विरोधी गुट के लोगों से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान विवाद बढ़ा और हालात हिंसक हो गए।
कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि फॉर्च्यूनर पर पेट्रोल डालकर आग लगाई गई। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि हमले के दौरान वाहन एक बिजली के खंभे से भी टकराया था। फॉरेंसिक टीम यह जांच कर रही है कि आग जानबूझकर लगाई गई या हादसे के दौरान टक्कर के कारण लगी।
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। क्षत्रिय समुदाय और अन्य समाजों के लोगों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को ज्ञापन सौंपकर मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। समुदाय के प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि यह पूर्वनियोजित हमला था और समझौते के बहाने बुलाकर वारदात को अंजाम दिया गया।
फिलहाल पुलिस ने त्रिपाठी परिवार से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच कई पहलुओं से की जा रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आग लगने की असल वजह साफ हो सकेगी।






