शैक्षिक दस्तावेज कब्जे में रखने और करियर बर्बाद करने की धमकी, एसएसपी के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक और मामला सामने आया है, जहां एक छात्र ने एक निजी फार्मेसी संस्थान संचालक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्र का कहना है कि उससे निर्धारित शुल्क से अधिक धन वसूला गया, फिर पंजीकरण प्रक्रिया के नाम पर अतिरिक्त रकम मांगी गई और मना करने पर उसका आवेदन निरस्त कर दिया गया।
मुजफ्फरनगर जनपद में शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। थाना भोपा क्षेत्र के गांव किशनपुर निवासी छात्र मुफस्सिर आलम पुत्र इरफान ने एक निजी फार्मेसी संस्थान के संचालक इमलाक खान के खिलाफ उत्पीड़न, धोखाधड़ी और जबरन वसूली के आरोप लगाए हैं। पीड़ित छात्र ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा से मिलकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद छपार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
छात्र मुफस्सिर शिकायत के अनुसार, उसने वर्ष 2021 में एन0एच-58, रुड़की रोड, बरला बसेड़ा मार्ग स्थित बाबा इंस्टीट्यूट आॅफ फार्मेसी में बी-फार्मा पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया था। प्रवेश के समय संस्थान की ओर से पूरे कोर्स की फीस 3 लाख 20 हजार रुपये बताई गई थी। आरोप है कि इसके बावजूद छात्र से कुल 4 लाख 80 हजार रुपये वसूले गए, जिसमें नकद और आॅनलाइन लेन-देन दोनों शामिल हैं। छात्र का कहना है कि उसने पढ़ाई पूरी कर डिग्री प्राप्त कर ली, लेकिन जब उसने उत्तर प्रदेश फार्मेसी परिषद में पंजीकरण के लिए आवेदन किया, तो संस्थान स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए 70 हजार रुपये की अतिरिक्त मांग की गई।
आरोप है कि रकम देने से इनकार करने पर 19 फरवरी 2026 को उसका पंजीकरण आवेदन निरस्त करा दिया गया। इतना ही नहीं, विरोध करने पर गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के मूल प्रमाण पत्र तथा आधार कार्ड भी संस्थान संचालक के पास हैं, जिन्हें बार-बार मांगने के बावजूद वापस नहीं किया जा रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी पहले भी ऐसे मामलों में संलिप्त रहा है और लोगों से ठगी करना उसका तरीका बन चुका है।

छपार थानाध्यक्ष मोहित कुमार के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी संस्थान संचालक इमलाक खान निवासी शेरपुर के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। बता दें कि इमलाक खान के खिलाफ शहर कोतवाली पुलिस ने भी पूर्व में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्यवाही करते हुए उसकी चल और अचल संपत्ति को कुर्क कर लिया था, इसके अलावा भी इमलाक पर कई अन्य मुकदमे भी दर्ज हैं।






