मुख्य अतिथि मधु गोयल ने अपने संबोधन में कहा-मां परिवार और समाज की आधारशिला होती है तथा वह बच्चों की सर्वश्रेष्ठ गुरू
मुजफ्फरनगर। एम.जी. पब्लिक स्कूल में अंतरराष्ट्रीय मदर्स डे के अवसर पर शुक्रवार को एक भव्य एवं भावनात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहां नन्हें मुन्ने बच्चों ने अपनी माताओं को समर्पित मंचीय प्रस्तुतियों से सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य मातृत्व के महत्व को सम्मान देना तथा विद्यार्थियों में अपनी माताओं के प्रति आदर, प्रेम एवं कृतज्ञता की भावना विकसित करना रहा।

एम.जी. पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती मधु गोयल का आगमन हुआ। प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग द्वारा मुख्य अतिथि का विद्यालय परिवार की ओर से स्वागत किया गया। उनको हैड मेड बैज लगाकर एवं पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ पौधा भेंटकर अभिनंदन किया गया। मुख्य अतिथि श्रीमती मधु गोयल द्वारा प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग एवं स्कूल विंग इंचार्ज के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर मंचीय प्रस्तुतियों का विधिवत शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर किंडरगार्टन एवं प्राइमरी विंग के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिनमें गीत, नृत्य, कविता पाठ एवं प्रेरक संदेश से परिपूर्ण लघु नाटिका प्रमुख रहे। बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से मां के त्याग, स्नेह और समर्पण को भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। लघु नाटिकाओं के माध्यम से जीवन में मां की महत्ता, परिवार और बच्चों के लिए उनके समर्पण को बेहद भावपूर्ण अंदाज में बच्चों ने प्रस्तुत किया और मोबाइल कल्चर के दौर में फैमिली से कनेक्ट रहने का प्रेरणादायक संदेश दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण माताओं के द्वारा अपने बच्चों के साथ मंचीय नृत्य प्रस्तुति रही। इसमें माताओं ने अपने बच्चों के साथ एक भावनात्मक रिश्ते को सुन्दर गीत पर नृत्य के माध्मय से सभी के सम्मुख प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में बच्चों एवं माताओं के बीच आत्मीयता और खुशी का वातावरण देखने को मिला।

मुख्य अतिथि श्रीमती मधु गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि मां परिवार और समाज की आधारशिला होती है तथा वह बच्चों की सर्वश्रेष्ठ गुरू है, मां के योगदान को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने विद्यार्थियों को सदैव अपने माता-पिता का सम्मान करने की प्रेरणा देने के साथ ही माताओं को भी इसके प्रति जागरुक किया कि वो मोबाइल और इंटरनेट के इस दौर में अपने बच्चों को स्नेहिल समय जरूर दें, उनको मोबाइल नहीं, अपने व्यक्तित्व, मातृत्व से कनेक्ट करें। बुजुर्गों की कहानिया बच्चों को संस्कार देने का काम करती थी, वैसी ही भूमिका मां भी निभायें और अपने बच्चों को सांस्कृतिक ज्ञान देकर संस्कारवान एवं एक अनुशासित नागरिक बनायें

प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग ने अपने संदेश में कहा कि मां की भूमिका ईश्वर का दिया गया एक वरदान है, ऐसे में मां का दायित्व केवल बच्चों का पालन पोषण करना ही नहीं है, बल्कि बच्चों का चरित्र निर्माण करना भी उनकी जिम्मेदारी है। आज मोबाइल के दौर ने कई सामाजिक समस्याओं को जन्म दिया है। बच्चे इस दौर में परिवार से दूर हो रहे हैं। ऐसे में माताओं की यह जिम्मेदारी हैं कि बच्चों को परिवार के मोह से बांधे, उनको भावनात्मक रूप से खुद से जोड़कर रखें, बच्चों के साथ खेलें, उनके स्कूल से जुड़े और घर परिवार में बच्चों के साथ बातचीत का एक माहौल बनाकर रखें, यही बच्चों के चरित्र निर्माण में सहायक होता है। इन मंचीय प्रस्तुतियों के माध्यम से हमारा प्रयास रहा है कि बच्चे और मां के बीच कुदरत के द्वारा पैदा किए गए सम्बंध को और मजबूती प्रदान की जा सके।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम से पूर्व विद्यालय में कक्षा आधारित गतिविधियां भी कराई गई, इसमें बच्चों ने क्राफ्ट एवं कला प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए साज सज्जा कर अनेक सामग्री तैयार की। अंत में विद्यालय परिवार की ओर से उन्होंने सभी माताओं का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें मदर्स डे की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके साथ ही माताओं ने अपने बच्चों के साथ इस दिन को यादगार बनाने के लिए सेल्फी प्वाइंट पर तस्वीरें भी लीं। कार्यक्रम की सुन्दर एवं प्रभावी एंकरिंग छात्र आदित्य व छात्रा काव्या द्वारा की गई। कार्यक्रम को सुन्दर एवं सफल बनाने में समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं अन्य स्टाफ का सराहनीय सहयोग रहा।






