पूर्व प्रबंधक की अस्थियां विद्यालय परिसर में दबाने का आरोप, ग्रामीणों और समिति सदस्यों ने किया भारी हंगामा
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर के मंसूरपुर क्षेत्र स्थित गांव नरा के एक इंटर कॉलेज में मानव अस्थियां मिलने से सनसनी फैल गई। कॉलेज परिसर में पेड़ों के नीचे दबी अस्थियां सामने आने के बाद छात्र-छात्राओं में भय का माहौल बन गया। मामले को लेकर ग्रामीणों, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। आरोप है कि हाल ही में दिवंगत हुए पूर्व प्रबंधक की अस्थियां विद्यालय परिसर में दबाई गई थीं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने खुदाई कर अवशेष बरामद किए और जांच शुरू कर दी है।
मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव नरा स्थित इंटर कॉलेज उस समय चर्चा का केंद्र बन गया, जब विद्यालय परिसर में मानव अस्थियां मिलने की सूचना सामने आई। बताया गया कि कुछ बच्चों ने कॉलेज परिसर में पेड़ों के नीचे पड़े अवशेष देखे, जिसके बाद यह जानकारी विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों तक पहुंची। अस्थियां खुले में दिखाई देने की खबर फैलते ही कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई। छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में भय का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने भी मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

विद्यालय प्रबंधन समिति की साधारण सभा के सदस्य डॉ. एमएल भार्गव ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि हाल ही में दिवंगत हुए पूर्व प्रबंधक वेदप्रकाश शर्मा की अस्थियां उनके पुत्र और वर्तमान प्रबंधक नितिन कुमार द्वारा विद्यालय परिसर में दबवाई गई थीं। उन्होंने कहा कि विद्यालय की भूमि पर इस प्रकार अस्थियां दबाना न केवल सामाजिक और धार्मिक परंपराओं के विरुद्ध है, बल्कि शिक्षा संस्थान की गरिमा को भी ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है। उनका कहना था कि वर्ष 1970 से संचालित इस विद्यालय में आज तक किसी भी पूर्व प्रबंधक या सदस्य की अस्थियां परिसर में नहीं लाई गईं।
डॉ. भार्गव ने आरोप लगाया कि विद्यालय को निजी संपत्ति की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है और यदि स्मारक बनाना था तो इसके लिए निजी भूमि का उपयोग किया जाना चाहिए था। उन्होंने विद्यालय परिसर के शुद्धिकरण और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस टीम कॉलेज पहुंची और चिन्हित स्थान पर खुदाई कराई। खुदाई के दौरान वहां से अस्थियां बरामद होने की बात सामने आई। पुलिस ने अवशेष कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय परिसर में इस तरह की घटना से शिक्षा का माहौल प्रभावित हुआ है और बच्चों में डर व्याप्त हो गया है।

ग्रामीण सविंदर कुमार ने आरोप लगाया कि पूर्व प्रबंधक के निधन के बाद उनके पुत्र नितिन कुमार, जो वर्तमान में प्रबंधक हैं, ने अस्थियां कॉलेज परिसर में दबवाईं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में विद्यालय के प्रधानाचार्य की भी भूमिका रही है। ग्रामीणों ने प्रबंधक और प्रधानाचार्य को हटाने की मांग करते हुए वित्तीय अनियमितताओं के भी आरोप लगाए। उनका कहना है कि सरकारी सहायता राशि के उपयोग में भी पारदर्शिता नहीं बरती जा रही। वहीं विद्यालय के प्रधानाचार्य ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है और मामले को अनावश्यक रूप से तूल दिया जा रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।






