ग्रामीण सड़कों के निर्माण और दो नए बाईपास मार्गों की भी उठाई मांग, किसानों और आम जनता को राहत की उम्मीद
मुजफ्फरनगर। राजधानी दिल्ली में भारतीय किसान यूनियन ने क्षेत्रीय विकास और किसानों की समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार के समक्ष अहम मुद्दे उठाए। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर में बागपत के दोघट क्षेत्र के लिए कट की मांग के साथ-साथ ग्रामीण सड़क नेटवर्क और नए बाईपास मार्गों के निर्माण का मुद्दा प्रमुखता से रखा गया।

दिल्ली में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत और मुजफ्फरनगर क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण समस्याओं को विस्तार से रखा। बैठक के दौरान नरेश टिकैत ने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर पर बागपत जनपद के दोघट क्षेत्र में कट न होने की समस्या को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि इस कॉरिडोर पर कट की व्यवस्था न होने से स्थानीय किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खेतों तक पहुंचने, फसल को मंडियों तक ले जाने और दैनिक आवागमन के लिए लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है, जिससे समय और आर्थिक नुकसान दोनों हो रहे हैं।

टिकैत ने स्पष्ट किया कि यदि दोघट क्षेत्र में उपयुक्त स्थान पर कट प्रदान किया जाता है तो इससे न केवल किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार, परिवहन और क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि टीकरी, सिनौली और आसपास के गांवों को इस सुविधा से व्यापक लाभ पहुंचेगा। इसके साथ ही भारतीय किसान यूनियन ने मुजफ्फरनगर जनपद के बुढाना तहसील क्षेत्र में दो नए मार्गों और उनके बाईपास के निर्माण की मांग भी रखी। प्रस्तावित मार्ग शाहपुर ब्लॉक से दुल्हेरा, सदरूद्दीनगर, सिसौली, मुंडभर और भाज्जू होते हुए शामली तक जोड़ेगा। वहीं दूसरा मार्ग मेरठ रोड से रायपुर अटेरना, सांगड़ी, कुरावा होते हुए भौराकलां से सहारनपुर मार्ग को जोड़ेगा। इन मार्गों के निर्माण से क्षेत्रीय यातायात सुगम होने के साथ किसानों और व्यापारियों को सीधा लाभ मिलने की बात कही गई।


भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने क्षेत्र की जर्जर ग्रामीण सड़कों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए मजबूत सड़क नेटवर्क अत्यंत आवश्यक है, जिससे कृषि उत्पादों की आवाजाही और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रस्तुत मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने की बात कही, ताकि क्षेत्रीय समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जा सके। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के अन्य पदाधिकारियों ने भी क्षेत्र के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों को मंत्री के समक्ष रखा। संगठन ने उम्मीद जताई है कि केंद्र सरकार जल्द ही इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर किसानों और आम जनता को राहत प्रदान करेगी।






