Muzaffarnagar: कलेक्ट्रेट से तहसील तक कमिश्नर ने परखा प्रशासन का काम

निर्माणाधीन कलक्टर ऑफिस और अभिलेखागार का भी किया निरीक्षण, एसडीएम कोर्ट में बैठकर जानी वादों के निस्तारण की हकीक

मुजफ्फरनगर। शासन की मंशा के अनुरूप सहारनपुर मंडल के मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने शुक्रवार को मुजफ्फरनगर मुख्यालय पहुंचकर कलेक्ट्रेट, तहसील सदर और नगरपालिका परिषद का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक कार्यप्रणाली, अभिलेखों के रख-रखाव, न्यायालयों में लंबित वादों की स्थिति और राजस्व वसूली की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। अधिकारियों को कार्यों में पारदर्शिता और तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और एसएसपी संजय वर्मा ने मंडलायुक्त का स्वागत किया। औपचारिक स्वागत के बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके उपरांत मंडलायुक्त सीधे निरीक्षण कार्यक्रम में जुट गए। सबसे पहले उन्होंने नए जिलाधिकारी कार्यालय और अभिलेखागार के निर्माणाधीन भवन स्थल का निरीक्षण कर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और प्रगति का जायजा लिया। संबंधित अधिकारियों से निर्माण की समयसीमा, बजट उपयोग और तकनीकी मानकों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समय में पूर्ण हो और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। कलेक्ट्रेट के विभिन्न पटलों पर पहुंचकर मंडलायुक्त ने पत्रावलियों के रख-रखाव, लंबित प्रकरणों की स्थिति और कार्यालयीन अनुशासन की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन से जुड़े मामलों में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

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तहसील सदर पहुंचकर उन्होंने एसडीएम न्यायालय में वादों की सुनवाई प्रक्रिया को देखा। न्यायालयों में लंबित राजस्व वादों की संख्या, निस्तारण दर और सुनवाई की पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया गया। मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और प्रत्येक प्रकरण की नियमित मॉनिटरिंग हो। इसके अतिरिक्त संग्रह अमीनों के साथ बैठक कर राजस्व वसूली की प्रगति की समीक्षा की गई। लक्ष्य के अनुरूप वसूली सुनिश्चित करने और बकाया वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने कहा कि राजस्व वसूली में शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित की जाए।

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निरीक्षण के बाद मंडलायुक्त ने मीडिया कर्मियों से बातचीत में कहा कि शासन की प्राथमिकता प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित सेवा वितरण है। कलेक्ट्रेट, तहसील और नगरपालिका परिषद में व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया है। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि राजस्व वादों का शीघ्र निस्तारण करें और आमजन को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराएं। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक कार्यप्रणाली, अभिलेखों के रख-रखाव, न्यायालयों में लंबित वादों की स्थिति और राजस्व वसूली की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया। अधिकारियों को कार्यों में पारदर्शिता और तेजी लाने के निर्देश दिए गए। औचक निरीक्षण से प्रशासनिक अमले में दिनभर हलचल बनी रही और अधिकारी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटे नजर आए।

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