ईरान से जुड़ी सैन्य गतिविधियों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत-अमेरिका संबंध को लेकर अमेरिका की ओर से अहम बयान आया है। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका और भारत के संबंधों को अत्यधिक महत्व देते हैं। यह बयान ऐसे समय आया है, जब 24 मार्च को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा हुई थी।
सर्जियो गोर ने मंगलवार शाम सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि वह कुछ दिनों के लिए अमेरिका लौटे हैं और उनका पहला पड़ाव वाइट हाउस में राष्ट्रपति से मुलाकात रहा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिका और भारत के संबंधों को अत्यधिक महत्व देते हैं। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने इस साल जनवरी में अपना पदभार संभाला था। इससे पहले वह वाइट हाउस के राष्ट्रपति कार्मिक कार्यालय में निदेशक के रूप में कार्यरत थे। गोर ने ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ अपनी एक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर साझा की।
वह दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के लिए अमेरिका के विशेष दूत भी हैं। 24 मार्च को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की फोन पर बात हुई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा था, ‘राष्ट्रपति ट्रंप का फोन आया और उनके साथ पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचारों का सार्थक आदान-प्रदान हुआ। भारत इस क्षेत्र में तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाली का समर्थन करता है।’ उन्होंने आगे कहा था, ‘पूरे विश्व के लिए यह आवश्यक है कि होर्मुज स्ट्रेट खुला, सुरक्षित और सुलभ बना रहे।
हम शांति और स्थिरता की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के संबंध में निरंतर संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए।’ फरवरी में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा था, ‘आज मेरे प्रिय मित्र राष्ट्रपति ट्रंप से बात करके बहुत अच्छा लगा। यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि अब भारत में बने उत्पादों पर टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत हो जाएगा।
इस शानदार घोषणा के लिए भारत की 1.4 अरब जनता की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप को बहुत-बहुत धन्यवाद।’ उन्होंने आगे लिखा था, ‘जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ मिलकर काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को लाभ होता है और पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग के अपार अवसर खुलते हैं।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा था, ‘वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का नेतृत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत शांति के लिए उनके प्रयासों का पूर्ण समर्थन करता है। मैं उनके साथ मिलकर कार्य करने और हमारी साझेदारी को अभूतपूर्व ऊंचाइयों तक ले जाने के प्रति आशान्वित हूं।’ इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर भी सख्त रुख जाहिर किया है।
उन्होंने कहा है कि ईरान को सैन्य अभियान रुकवाने के लिए अमेरिका के साथ किसी समझौते पर पहुंचने की आवश्यकता नहीं है। संवाददाताओं से बातचीत में ट्रंप ने कहा, ‘उन्हें मेरे साथ कोई समझौता करने की जरूरत नहीं है। जब हमें लगेगा कि वे एक लंबी अवधि के लिए पाषाण युग में पहुंच गए हैं और वे परमाणु हथियार बनाने में सक्षम नहीं हैं तब हम वहां से हट जाएंगे, चाहे हमारा कोई समझौता हुआ हो या नहीं।’
राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को यह भी कहा कि अमेरिका ईरान पर अपने सैन्य हमलों को दो से तीन सप्ताह के भीतर खत्म कर सकता है। उन्होंने कहा, ‘हम जल्द ही निकल रहे हैं।’ ट्रंप ने आगे कहा, ‘वापसी दो या तीन सप्ताह में हो सकती है।’ पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान को लेकर अमेरिकी सैन्य रुख के बीच भारत-अमेरिका संबंध पर आया यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि एक तरफ दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच लगातार संवाद बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका की ओर से सार्वजनिक रूप से यह संदेश भी दिया गया है कि भारत उसके लिए अहम साझेदार बना हुआ है






