मुजफ्फरनगर सड़क हादसे ने बुधवार के बाद गुरुवार तक पूरे इलाके को झकझोर कर रखा हुआ है। तितावी थाना क्षेत्र में हुए हादसे में मृतकों की संख्या अब 4 हो गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मेरठ मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान घायल पूजा ने भी दम तोड़ दिया, जिसके बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सड़क पर आ गया।
पूजा की मौत की खबर मिलते ही जग्गाहेड़ी स्थित कल्याणकारी कन्या इंटर कॉलेज के बाहर माहौल अचानक बदल गया। परिजनों ने पापन, उनके पुत्र अभी और पुत्री राधिका के शव पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे मार्ग पर आवाजाही लगभग ठप हो गई और दोनों तरफ लंबा जाम लग गया।
मेरठ में पूजा की मौत के बाद 4 हुई संख्या
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हादसे में पहले ही पापन, उनके बेटे अभी और बेटी राधिका की मौत हो चुकी थी। चौथी घायल पूजा, जो पापन की पत्नी बताई गई हैं, मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती थीं। वहीं उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई। पूजा का शव अभी मेरठ मोर्चरी में होने की बात कही जा रही है, जिसे पोस्टमार्टम के बाद मुजफ्फरनगर लाया जाना है।
एक ही परिवार के 4 सदस्यों की मौत ने ग्रामीणों के आक्रोश को और तेज कर दिया। परिजनों का कहना है कि इस दुर्घटना ने उनका पूरा परिवार तोड़ दिया है।
50 लाख मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन
प्रदर्शन कर रहे परिजन और ग्रामीण प्रत्येक मृतक के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि केवल सांत्वना से काम नहीं चलेगा। परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर इस हादसे का सीधा असर पड़ा है, इसलिए सरकारी मदद भी उसी अनुपात में होनी चाहिए।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि समाधान निकालने के बजाय पुलिस उन पर दबाव बना रही है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, उन्हें कहा गया कि अगर जाम नहीं हटाया गया तो मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। हालांकि पुलिस की ओर से इस आरोप पर कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया इस खबर लिखे जाने तक सामने नहीं आई है।
मौके पर भारी पुलिस बल, फिर भी सहमति नहीं
स्थिति को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने मौके पर बड़ा अमला तैनात किया। जानकारी के अनुसार एसपी देहात आदित्य बंसल, सीओ फुगाना, सीओ सदर और कई थानों की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से कई दौर की बातचीत की, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई अंतिम समाधान नहीं निकल सका था।






