चेरिटेबल ट्रस्ट और सोसाइटी के नाम पर चल रहे ब्लड सेंटरों में गंभीर अनियमितताएं उजागर, बिना जांच के रक्त किया जा रहा था ट्रांसफर, चिकित्सक और स्टाफ नदारद
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर समेत प्रदेश के 13 जिलों में रक्त की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की व्यापक छापेमारी में ब्लड बैंकों की कार्यप्रणाली में गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। चेरिटेबल ट्रस्ट और सोसाइटी के नाम पर संचालित कई केंद्रों में बिना मानकों के रक्त संग्रह और ट्रांसफर किए जाने, योग्य चिकित्सकों और प्रशिक्षित स्टाफ की अनुपस्थिति जैसी लापरवाहियां सामने आई हैं। कार्रवाई के तहत मुजफ्फरनगर में चार ब्लड बैंक सील किए गए हैं, जबकि दो जिलों में तीन अन्य केंद्रों पर तत्काल प्रभाव से संचालन रोक दिया गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और सख्ती पर जोर बढ़ गया है।
मुजफ्फरनगर जनपद के औषधि निरीक्षक पवन शाक्य ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) मुख्यालय के निर्देश पर गठित अंतर-जनपदीय औषधि निरीक्षक टीमों ने प्रदेश के कई जिलों में व्यापक जांच अभियान चलाया। इस दौरान मुजफ्फरनगर, बरेली, इटावा, रायबरेली, मुरादाबाद, कुशीनगर, आगरा, जौनपुर, अमरोहा, बलरामपुर, बागपत, मैनपुरी और भदोही में संचालित कुल 36 ब्लड बैंकों का निरीक्षण किया गया।
इस औचक जांच के दौरान मुजफ्फरनगर और बरेली में 6-6, इटावा, रायबरेली और मुरादाबाद में 5-5, कुशीनगर में 2 तथा अन्य जिलों में एक-एक केंद्र की जांच की गई। टीम ने ब्लड स्टोरेज, परीक्षण प्रक्रिया, तकनीकी स्टाफ की उपलब्धता, उपकरण संचालन और संबंधित अभिलेखों का गहन सत्यापन किया। निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। कई केंद्रों पर रक्तदाता और प्राप्तकर्ता का विवरण उपलब्ध नहीं मिला। अनिवार्य एलाइजा जांच नहीं की जा रही थी, कोल्ड चेन व्यवस्था ध्वस्त पाई गई और कई स्थानों पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी व तकनीकी कर्मचारी लंबे समय से अनुपस्थित मिले। सबसे गंभीर मामला बिना परीक्षण रिकॉर्ड के बड़े स्तर पर रक्त ट्रांसफर का सामने आया।
बताया कि इन खामियों को गंभीर मानते हुए 7 ब्लड बैंकों में रक्त संचालन से जुड़े सभी कार्य तत्काल प्रभाव से बंद करा दिए गए हैं। इसके अलावा शेष केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिन ब्लड बैंकों पर कार्यवाही की गई है, उनमें चार मुजफ्फरनगर में संचालित किये जा रहे थे। इनमें जीवांश चेरिटेबल ब्लड सेंटर विकास भवन मेरठ रोड मुजफ्फरनगर, सर्वोदया चेरिटेबल ब्लड सेंटर भोपा रोड मुजफ्फरनगर, एसडी मेडिकल इंस्टीट्यूट भोपा रोड मुजफ्फरनगर और दुर्गा चेरिटेबल ब्लड सेंटर रुडकी रोड मुजफ्फरनगर के अलावा अचिंत्य चेरिटेबल ब्लड सेंटर फ्रेंड्स कालोनी इटावा, मानव सेवा चेरिटेबल ब्लड सेंटर आईटीआई चौराहा इटावा और लाइन्स चेरिटेबल ब्लड सेंटर मिनी बाइपास रोड बरेली शामिल हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन ब्लड बैंकों का संचालन रोका गया है, वहां उपलब्ध रक्त और उसके घटकों के सुरक्षित निस्तारण के लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि जनस्वास्थ्य पर कोई खतरा न उत्पन्न हो। एफएसडीए की इस कार्रवाई ने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही की गंभीर तस्वीर उजागर की है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि नियमों का उल्लंघन करने वाले केंद्रों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।






