राघव चड्ढा विवाद उपनेता पद से हटाए जाने के बाद और तेज हो गया है। कांग्रेस नेता उदित राज ने आम आदमी पार्टी पर जनता को धोखा देने, लूट मचाने और कांग्रेस को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि राघव चड्ढा ने कुछ भी गलत नहीं किया, बल्कि सही काम किया है। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा में अपने नेतृत्व में बदलाव करते हुए राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाकर अशोक मित्तल को जिम्मेदारी दी। इसी फैसले के बाद राघव चड्ढा को लेकर पार्टी और विपक्ष, दोनों तरफ से बयानबाजी तेज हो गई।
उदित राज ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस को बदनाम करने की काफी कोशिश की, लेकिन उसके खिलाफ कुछ भी साबित नहीं कर सकी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब पार्टी शिकायत कर रही है कि राघव चड्ढा उसका साथ नहीं दे रहे, जबकि उसे पहले अपना इतिहास देखना चाहिए। उन्होंने राघव चड्ढा के पक्ष में कहा, “राघव चड्ढा ने कोई गलत काम नहीं किया बल्कि एकदम सही काम किया और लोगों को भी करना चाहिए।” उदित राज ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी ने दूसरे नेताओं के साथ क्या किया, उसे भी याद रखना चाहिए।
उदित राज ने अपने बयान में आम आदमी पार्टी पर व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा के लिए राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पार्टी आज राघव चड्ढा पर सवाल उठा रही है, जबकि पहले उसने कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश की थी। उदित राज ने इससे पहले शुक्रवार को भी कहा था कि राघव चड्ढा को इस मुद्दे पर खुलकर बोलना चाहिए और चुप नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा था, “खामोशी होनी ही नहीं चाहिए। अगर राजनीति में हैं तो इस मुद्दे पर तो खामोशी का मतलब ही नहीं होता।” उन्होंने यह भी कहा था कि राघव जन समस्याओं को उठाते हैं
इसलिए उन्हें साफ करना चाहिए कि अगर पार्टी ने उनका अपमान नहीं किया तो वह भी बताएं, और अगर वे नाखुश हैं तो वह भी खुलकर सामने रखें। उदित राज ने इस पूरे मामले में रहस्य और अटकलों की राजनीति पर भी सवाल उठाए थे। उपनेता पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा ने एक सार्वजनिक संदेश में आरोप लगाया कि पार्टी उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध है, और कहा कि संसद में उन्हें जब भी अवसर मिलता है, वह जनता से जुड़े मुद्दे उठाते हैं। राघव चड्ढा की इस प्रतिक्रिया के बाद यह मामला केवल संगठनात्मक बदलाव तक सीमित नहीं रहा, बल्कि खुला राजनीतिक विवाद बन गया। फिलहाल राघव चड्ढा विवाद ने आम आदमी पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों और विपक्ष के हमलों, दोनों को एक साथ सामने ला दिया है।






