उत्तर प्रदेश में लंबी विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के बाद आखिरकार यूपी फाइनल वोटर लिस्ट 2026 जारी कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता में बताया कि प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची में अब कुल 13,39,84,792 मतदाता दर्ज हैं। यह सूची ऐसे समय आई है जब राज्य में चुनावी तैयारी के लिहाज से मतदाता डेटा सबसे अहम दस्तावेजों में गिना जा रहा है।
इस अंतिम सूची की सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें मतदाताओं की संख्या में करीब 84.28 लाख की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे साफ है कि दावे, आपत्तियों और सुधार की लंबी प्रक्रिया के बाद बड़ी संख्या में नए नाम जुड़े हैं। यही वजह है कि यह सिर्फ एक प्रशासनिक अपडेट नहीं, बल्कि राज्य की चुनावी तस्वीर बदलने वाला आंकड़ा भी है।
पुरुष ज्यादा, लेकिन महिला वोटरों की हिस्सेदारी भी बड़ी
अंतिम सूची के मुताबिक प्रदेश में पुरुष मतदाताओं की संख्या 7,30,71,061 है, जबकि महिला मतदाताओं की संख्या 6,09,09,525 दर्ज की गई है। तृतीय लिंग के मतदाताओं की संख्या 4,206 बताई गई है। इन आंकड़ों को देखें तो कुल मतदाताओं में करीब 54.54 प्रतिशत पुरुष और 45.46 प्रतिशत महिला मतदाता हैं। यह अनुपात बताता है कि महिला भागीदारी अब भी बड़ी है, लेकिन संख्या के स्तर पर पुरुष मतदाता बढ़त में हैं।
इस डेटा की एक और अहम परत युवा वोटरों से जुड़ी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक 18 से 19 साल आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या 17,63,360 है।
166 दिन चली प्रक्रिया, अब भी नाम जुड़ सकता है
नवदीप रिणवा ने कहा कि यह पूरा अभियान 166 दिन तक चला और इसमें चुनाव कर्मियों, बूथ लेवल एजेंटों तथा राजनीतिक दलों का सहयोग मिला। इससे यह भी संकेत मिलता है कि अंतिम सूची तक पहुंचने से पहले निर्वाचन तंत्र ने ड्राफ्ट, नोटिस, दावे और आपत्तियों की लंबी प्रक्रिया पूरी की। यही वजह है कि इस सूची को सिर्फ नियमित अपडेट नहीं, बल्कि बड़े पुनरीक्षण का अंतिम नतीजा माना जा रहा है।
सबसे राहत वाली बात यह है कि जिन लोगों का नाम अब भी सूची में नहीं आया, उनके लिए रास्ता बंद नहीं हुआ है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने साफ कहा है कि जिन पात्र लोगों के नाम छूट गए हैं, वे फॉर्म 6 भरकर अपना नाम शामिल करा सकते हैं। यानी अंतिम सूची जारी होने के बाद भी पात्र मतदाता पूरी तरह बाहर नहीं हुए हैं। अब सवाल यह है कि कितने लोग इस विकल्प का इस्तेमाल करते हैं।
ड्राफ्ट से फाइनल तक क्या बदला
रिपोर्टों के अनुसार 6 जनवरी को जारी ड्राफ्ट सूची में कुल मतदाताओं की संख्या 12.55 करोड़ से अधिक थी। अब अंतिम सूची में यह संख्या बढ़कर 13.39 करोड़ तक पहुंच गई है। यही लगभग 84 लाख से ज्यादा की बढ़ोतरी इस पूरी प्रक्रिया को सबसे बड़ी खबर बनाती है। इसका सीधा मतलब यह है कि दावे और आपत्तियों के चरण में बड़ी संख्या में नाम जोड़े गए या सुधारे गए।




