मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कचहरी गेट स्मारक पर किया माल्यार्पण और सामाजिक न्याय के संकल्प को दोहराया
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जन्म जयंती उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। शहर के प्रमुख स्थलों पर आयोजित कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। अम्बेडकर जयंती के अवसर पर अनेक सामाजिक, धार्मिक और शैक्षिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।

प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं नगर विधायक कपिल देव अग्रवाल ने कचहरी गेट स्थित अम्बेडकर स्मारक पर पहुंचकर प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों में सहभागिता की। कचहरी गेट, जनकपुरी (बिजलीघर के निकट), खादरवाला स्थित संत रविदास मंदिर और गांधी नगर मेन रोड सहित कई स्थानों पर पहुंचकर उन्होंने डॉ. अम्बेडकर के चित्रों और प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की और दलित समाज के लोगों के साथ केक काटकर जश्न मनाया तथा बधाई दी।

कार्यक्रमों के दौरान उपस्थित लोगों से संवाद करते हुए उन्होंने सामाजिक न्याय, समानता और संविधान की गरिमा को बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डॉ. अम्बेडकर के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं और समाज को आगे बढ़ाने में मार्गदर्शक हैं। उनके अनुसार, समानता, शिक्षा और अधिकारों के लिए समर्पित जीवन सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने यह भी कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग का कर्तव्य है कि वह उनके बताए मार्ग पर चलकर एक समरस, सशक्त और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में योगदान दे।
इससे पूर्व, जयंती की पूर्व संध्या पर सोमवार शाम को कचहरी गेट स्थित अम्बेडकर स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में भी उन्होंने सहभागिता की। इस अवसर पर दीप प्रज्ज्वलित कर उन्होंने महान विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, समाज सुधारक और भारतीय संविधान के शिल्पकार डॉ. भीमराव अम्बेडकर को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारियों और स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही, जिन्होंने बाबा साहेब के विचारों को याद करते हुए उन्हें नमन किया। यहां पर मुख्य रूप से पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, भाजपा नेता गौरव स्वरूप, कल्याणकारी अम्बेडकर समिति के संस्थापक पूर्व विधायक महावीर आजाद, महासचिव भंवर तेजियान, अशोक प्रधान, नरेन्द्र जयंत, दलेल सिंह और बाबू सिंह बौद्ध सहित सैंकड़ों लोग मौजूद रहे।




