एक बड़े भाजपा नेता का होटल से कनेक्शन होने का किया जा रहा है दावा, अभी कई खुलासे होने बाकी
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में कर चोरी के खिलाफ जीएसटी विभाग की कार्रवाई लगातार तेज होती नजर आ रही है। हाल ही में औद्योगिक इकाइयों के बाद अब होटल व्यवसाय भी जांच के घेरे में आ गया है। कूकड़ा-बिलासपुर बाइपास स्थित एक चर्चित होटल पर हुई छापेमारी ने स्थानीय व्यापारिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
मुजफ्फरनगर में दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर कूकड़ा-बिलासपुर बाइपास स्थित होटल दि वेलविस्टा एण्ड रिसोर्ट पर जीएसटी एसआईबी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन ब्रांच) की छापेमार कार्रवाई से हड़कंप मच गया। टीम ने होटल में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी का खुलासा किया है। छापेमारी के दौरान जीएसटी अधिकारियों ने मौके पर ही एक बड़ी राशि जमा कराई। इसके साथ ही होटल प्रबंधन को नोटिस जारी करते हुए आगामी जांच के लिए आवश्यक दस्तावेज, बिल और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड अपने कब्जे में ले लिए गए। अधिकारियों के अनुसार, इन दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद टैक्स चोरी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सूत्रों के अनुसार, इस होटल का संबंध एक बड़े भाजपा नेता से बताया जा रहा है, जिससे मामले को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। होटल में कई पार्टनरों की हिस्सेदारी होने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही जनपद की प्रमुख खाद उत्पादन इकाई श्रीराम पोटाश प्राइवेट लिमिटेड जानसठ रोड पर भी जीएसटी एसआईबी ने लंबी छापेमार कार्रवाई की थी। लगभग दो दिनों तक चली इस जांच में भी भारी टैक्स चोरी सामने आई थी और अधिकारियों ने मौके पर ही करीब डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा कराई थी। इस फैक्ट्री से भी बड़े भाजपा नेता के सम्बंध सामने आये थे। इनको लेकर अभी हलचल मची हुई है कि अब एक होटल पर छापेमारी की बात सामने आने से नई बहस छिड़ गई है। बताया जा रहा है कि होटल वेलविस्टा पर की गई कार्रवाई उसी जांच अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत विभाग ने एक साथ कई औद्योगिक इकाइयों और फर्मों को जांच के दायरे में लिया था।
इस पूरे प्रकरण पर जीएसटी एसआईबी के ज्वाइंट कमिश्नर सिद्धेदश चंद दीक्षित से नयन जागृति द्वारा बात की गई तो उन्होंने बताया कि श्रीराम पोटाश प्राइवेट लिमिटेड पर हुई कार्रवाई के दौरान ही आसपास की अन्य इकाइयों की भी जांच की गई थी। उसी क्रम में होटल दि वेलविस्टा एण्ड रिसोर्ट सहित कुछ अन्य फर्मों पर भी छापेमारी की गई। उन्होंने पुष्टि की कि यहां टैक्स चोरी के मामले सामने आए हैं और मौके पर कुछ राशि जमा कराई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरी कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। वर्तमान में विभागीय बैठक के सिलसिले में सहारनपुर में होने के कारण विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी। वहीं, स्थानीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और व्यावसायिक चर्चाएं तेज हैं। अब सबकी नजर जीएसटी विभाग की आधिकारिक रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस मामले में कितनी बड़ी वित्तीय अनियमितता सामने आती है और आगे क्या कार्रवाई की जाती है।






