अग्निशमन सेवा सप्ताह के तहत जागरूकता अभियान में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को मिला आपदा प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण
मुजफ्फरनगर। आग जैसी आपात स्थितियों में सतर्कता और त्वरित निर्णय ही जीवन बचाने का सबसे बड़ा आधार बनते हैं। इसी उद्देश्य को लेकर मुजफ्फरनगर के एम.जी. पब्लिक स्कूल में अग्निशमन विभाग ने एक व्यापक जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया, इस फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल में छात्रों को न केवल सैद्धांतिक जानकारी दी गई बल्कि वास्तविक परिस्थितियों से निपटने का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। इसके साथ ही विद्यालय में सेवा सुरक्षा सप्ताह के विषय पर कक्षा आधारित गतिविधियां भी कराई गई।
प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग ने बताया कि अग्निशमन सेवा सुरक्षा सप्ताह (14 से 20 अप्रैल) के अंतर्गत चयनित विषय-‘सुरक्षित विद्यालय, सुरक्षित समाज एवं अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरुक समाज, आग की रोकथाम के लिए एक साथ’, पर गुरुवार को एम.जी. पब्लिक स्कूल परिसर में फायर ब्रिगेड की टीम द्वारा जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके लिए विद्यालय परिसर में अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्य अग्निशगन अधिकारी श्री अनुराग सिंह एवं फायर स्टेशन आॅफीसर श्री आरके यादव का टीम सहित स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को आग लगने की घटनाओं से बचाव तथा आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए तैयार करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में मॉक ड्रिल आयोजित की गई, जिसमें छात्रों को आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी के तरीके, अग्निशमन यंत्रों के सही उपयोग और घबराहट से बचते हुए संयमित व्यवहार करने के उपाय सिखाए गए। खुले मैदान में आयोजित अभ्यास सत्र में बच्चों ने आग पर काबू पाने के विभिन्न तरीकों का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया। इसके साथ ही सुरक्षित विद्यालय सुरक्षित अस्पताल विषय पर कक्षाओं में निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन कराया गया, जिसमें सभी छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, इसमें उत्कृष्ट तीन विद्यार्थियों का चयन किया गया।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी श्री अनुराग कुमार ने अपने संबोधन में बताया कि अधिकांश आग की घटनाएं लापरवाही और छोटी-छोटी गलतियों के कारण होती हैं, जिन्हें जागरूकता और सावधानी से रोका जा सकता है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे घर और स्कूल दोनों जगह सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सही कदम उठाएं। फायर स्टेशन आॅफीसर श्री आर.के. यादव ने छात्रों के साथ संवाद करते हुए आग से संबंधित संभावित खतरों, बचाव के उपायों और राहत कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि संकट की घड़ी में धैर्य और सूझबूझ सबसे महत्वपूर्ण होती है।
विद्यालय की प्रधानाचार्या मोनिका गर्ग ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्रों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि इस सत्र के माध्यम से छात्रों को अग्नि सुरक्षा, अग्निशामक यंत्रों के उपयोग और आपातकालीन स्थिति में अपनाए जाने वाले कदमों की महत्वपूर्ण जानकारी मिली। कार्यक्रम में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और दैनिक जीवन में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपयोगी ज्ञान अर्जित किया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं अन्य स्टाफ का सराहनीय सहयोग रहा।






