कोटपूतली-बहरोड़ – साथलका गांव में लेबर कॉलोनी में गैस सिलिंडर लीकेज के कारण भीषण आग लगने से में एक ही परिवार के सात लोग झुलस गए। घायलों में चार बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। भिवाड़ी के साथलका गांव स्थित बिल्लू लेबर कॉलोनी में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। खाना बनाते समय गैस सिलिंडर में हुए लीकेज के चलते अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिसमें एक ही परिवार के सात लोग बुरी तरह झुलस गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों में चीख-पुकार सुनाई देने लगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार उत्तरप्रदेश निवासी 35 वर्षीय नेम सिंह अपने परिवार के साथ कॉलोनी में किराए के कमरे में रह रहा था। सुबह वह खाना बनाने के दौरान गैस सिलिंडर बदल रहा था। इसी दौरान नए सिलिंडर से गैस का रिसाव होने लगा। कुछ ही पलों में कमरे में एलपीजी गैस फैल गई और आग के संपर्क में आते ही तेज धमाके के साथ आग ने विकराल रूप ले लिया। हादसे में नेम सिंह, उनकी पत्नी ममता (30), मामा बृजेश (32) और चार बच्चे पंकज (8), छगन (6), काजल (15) और किशनबती (12) आग की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए, खासतौर पर बच्चों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें जलते हुए सिलिंडर को लोग कमरे से बाहर खींचकर दूर ले जाते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों की सूझबूझ और तत्परता से बड़ा हादसा टल गया, वरना आग आसपास के अन्य कमरों तक भी फैल सकती थी। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और सभी घायलों को बाहर निकालकर तुरंत भिवाड़ी जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी को अलवर रैफर कर दिया गया।

यूपी सरकार पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लगाया दो लाख का जुर्माना
प्रयागराज- गोमांस की पुष्टि बिना वाहन जब्त करने पर राज्य सरकार पर दो लाख रुपये का हर्जाना लगा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम के मामले में अहम फैसला सुनाया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम के तहत वाहन सीज करने के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि जब तक वैज्ञानिक रूप से यह साबित न हो जाए कि बरामद मांस वास्तव में गोमांस हैए तब तक वाहन को जब्त करना अवैध और मनमाना है।यह टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने वाहन सीज करने के आदेश को रद्द कर दिया। याची को आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए सरकार पर दो लाख





