13 जुलाई तक समाधान न होने पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी, वेतन, स्थानांतरण, पीएफ और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के मुद्दे उठाए
मुजफ्फरनगर। स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन, उत्तर प्रदेश की नगर पालिका परिषद शाखा ने कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर मंगलवार को अधिशासी अधिकारी को छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 13 जुलाई तक मांगों का समाधान नहीं किया गया तो कर्मचारी दोपहर दो बजे के बाद कार्य बहिष्कार कर आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे। इसमें सबसे ज्यादा रोष समूह ग और घ के कर्मियों के तबादलों को लेकर अपनाई जा रही नीति पर जताया गया है, स्पष्ट कहा गया कि तबादलों से पहले संगठन के अध्यक्ष और महामंत्री से वार्ता कर उनकी सहमति प्राप्त की जाये, तभी तबादले करने होंगे।
स्वायत्त शासन कर्मचारी संगठन के शाखा अध्यक्ष ब्रजमोहन के नेतृत्व में मंगलवार को संगठन के पदाधिकारी और कर्मचारी टाउनहाल स्थित मुख्यालय में ईओ पवन कुमार से उनके कार्यालय पर मिले और एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि 4 जुलाई को पालिका सभागार में आयोजित शाखा पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें ही कुछ समस्याओं को उठाया गया। इसके लिए छह बिन्दुओं पर बनी समस्या के समाधान की मांग की गई है।
संगठन ने मांग की है कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति से संबंधित स्वीकृत प्रकरणों का भुगतान समयबद्ध ढंग से किया जाए, ताकि कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। इसके लिए बोर्ड बैठक का इंतजार न किया जाये और पत्रावली आने के बाद बोर्ड की स्वीकृति की प्रत्याशा में भुगतान को मंजूरी दी जानी चाहिए। ज्ञापन में समूह ग और घ के कर्मचारियों के स्थानांतरण को लेकर भी आपत्ति जताई गई है। संगठन का कहना है कि प्रशासनिक अथवा राजनीतिक कारणों से किए गए स्थानांतरण कर्मचारियों के मनोबल को प्रभावित करते हैं। भविष्य में किसी भी स्थानांतरण से पहले संगठन को विश्वास में लेने के साथ ही अध्यक्ष और महामंत्री की अनुमति भी प्राप्त की जाये, इसके पश्चात ही तबादला आदेश जारी किया जाये।
संगठन ने जलकल विभाग के कर्मचारी इसरार के भविष्य निधि (पीएफ) खाते से बिना जानकारी के करीब दो लाख रुपये से अधिक की निकासी के मामले की निष्पक्ष जांच कर बैंक से धनराशि वापस दिलाने की मांग भी उठाई है। इसके साथ ही सभी कर्मचारियों के फोटो पहचान पत्र (आईडी कार्ड) जारी करने तथा आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों खासकर कम्प्यूटर ऑपरेटर को शासन के निर्देशानुसार समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी की गई। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि 13 जुलाई तक सभी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर आंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी पालिका प्रशासन की होगी।
इसको लेकर ईओ पवन कुमार ने कहा कि संगठन के पदाधिकारियों ने कर्मचारियों की कुछ समस्याओं को लेकर वार्ता की और एक ज्ञापन सौंपा है। उनकी मांगों को लेकर चेयरमैन और अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ चर्चा की जायेगी। आउटसोर्स कर्मियों को वेतन शासनादेश के अनुसार ही मिल रहा है। तबादले पर जो मांग है, वो संभव नहीं है, क्योंकि ये नीतिगत निर्णय है और आकस्मिक भी हो सकते हैं। इसमें शासन की जो व्यवस्था है, उसका ही पालन किया जायेगा। संगठन को अवगत करा दिया गया है कि सरकार द्वारा राज्य में एस्मा लागू किया गया है, आगामी छह माह तक कोई हड़ताल नहीं की जायेगी। यदि इसका उल्लंघन किया जाता है तो सख्ती के साथ कर्मचारियों से निपटा जायेगा और कानूनी कार्यवाही भी की जायेगी। बातचीत से हर संभव समस्या का समाधान है, उसके लिए हम तैयार हैं, लेकिन अनैतिक दबाव सहन नहीं किया जायेगा। अब कांवड़ यात्रा का बड़ा आयोजन नजदीक है और ऐसे में पालिका को बड़ी भूमिका निभानी है, उसी की तैयारियों पर फोकस किया जा रहा है। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से संगठन के मंडल अध्यक्ष मौहम्मद सालिम, अध्यक्ष बृजमोहन, महामंत्री विकास शर्मा, लिपिक फिरोज खां, विकास कुमार, विवेक कुमार, नितिन कुमार, मनीष कुमार, आकाशदीप, सुनील गर्ग, लिपिक गोपी चंद वर्मा, दीपक शर्मा, नदीम खां सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।






