फुलत मदरसे पर कानूनी शिकंजा, धर्मांतरण के आरोप में पिता-पुत्र पर मुकदमा दर्ज

स्वामी यशवीर द्वारा मामला उठाए जाने के बाद तेज हुई जांच, एलआईयू, आईबी सहित तीन एजेंसियां कर रहीं पड़ताल

मदरसा प्रबंधन से जुड़े मौलवी पिता-पुत्र की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन, गांव ही व्यक्ति ने दी तहरीर

मुजफ्फरनगर। रतनपुरी थाना क्षेत्र के गांव फुलत स्थित चर्चित मदरसा दारूल उलूम रहीमिया एक बार फिर सुर्खियों में है। हिंदुओं के कथित धर्मांतरण के आरोपों को लेकर उठे विवाद के बीच अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी शुरू हो गई है। गांव के ही निवासी की शिकायत पर मदरसा प्रबंधन से जुड़े पिता-पुत्र के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन अधिनियम, 2021 सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन कर दिया है, जबकि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एलआईयू, आईबी और अन्य जांच एजेंसियां भी पूरे प्रकरण की पड़ताल में जुटी हैं।
गौरतलब है कि योग साधना आश्रम, बघरा के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर ने हाल ही में आरोप लगाया था कि गांव फुलत स्थित मदरसा दारूल उलूम रहीमिया में हिंदू समुदाय के लोगों का अवैध रूप से धर्मांतरण कराया जा रहा है। इस आरोप के सार्वजनिक होने के बाद प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एलआईयू, आईबी सहित तीन अलग-अलग स्तरों पर जांच शुरू की गई, जिससे पूरे जिले में इस प्रकरण को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया।

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इसी क्रम में गांव फुलत निवासी युनुस ने रतनपुरी थाने में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि मदरसा दारूल उलूम रहीमिया का संचालन मौलाना हफीजुर्रहमान अंसारी और उनके पुत्र जुबैर अंसारी द्वारा किया जा रहा है। शिकायत में आरोप है कि दोनों ने कई हिंदू व्यक्तियों को बहला-फुसलाकर तथा डराकर उनका धर्म परिवर्तन कराया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि शिकायत के आधार पर थाना रतनपुरी में मुकदमा अपराध संख्या 98/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352 एवं 351 तथा उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन अधिनियम, 2021 की धारा 3/5(2) में मामला दर्ज किया गया है।

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एसएसपी के अनुसार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमों का गठन कर दिया गया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में साक्ष्यों का संकलन किया जा रहा है तथा जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने विश्वास जताया है कि आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। धर्मांतरण के आरोपों को लेकर सामने आए इस मामले ने जिले में व्यापक चर्चा को जन्म दिया है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष एवं तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है तथा सभी पहलुओं की गहन पड़ताल के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

फुलत मदरसे को सील करने और नार्काे टेस्ट की मांग

मुजफ्फरनगर। योग साधना आश्रम बघरा के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने गांव फुलत स्थित दारुल उलूम रहीमिया मदरसे के संचालक मौलाना हफिजुर्रहमान अंसारी और उनके बेटे मौलाना जुबैर अंसारी के खिलाफ दर्ज मुकदमे का स्वागत करते हुए पुलिस प्रशासन का आभार जताया है। उन्होंने आरोपियों की कथित संपत्तियों की गहन जांच कराने, दोनों का नार्काे टेस्ट कराने, मदरसे को सील करने तथा सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग की।
स्वामी यशवीर महाराज ने बयान में कहा कि धर्मांतरण से जुड़े मामले में मुकदमा दर्ज होना स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन जांच को आगे बढ़ाते हुए आरोपियों की आय के स्रोत और कथित तौर पर अर्जित संपत्तियों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

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उनका कहना है कि दोनों आरोपियों का नार्काे टेस्ट कराया जाए, जिससे मामले से जुड़े तथ्यों का खुलासा हो सके। उन्होंने यह भी मांग की कि यदि जांच में नियमों के उल्लंघन या सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो संबंधित कार्रवाई करते हुए मदरसे को सील किया जाए और सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया जाए। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से मामले में कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की।

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