एमडीए में रिश्वतखोरीः कार्यालय पर भाजपा नेता का धरना

विपुल त्यागी ने एमडीए उपाध्यक्ष कार्यालय पर प्रदर्शन कर लगाया भ्रष्टाचार और दुर्व्यवहार का आरोप

मुजफ्फरनगर। मुज़फ्फरनगर विकास प्राधिकरण (एमडीए) में कथित रिश्वतखोरी और दुर्व्यवहार के आरोपों को लेकर भाजपा नेता विपुल त्यागी बहेड़ी ने प्राधिकरण उपाध्यक्ष कार्यालय के बाहर ही फर्श पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। अकेले ही धरने पर बैठे भाजपा नेता ने मामले की शिकायत शासन तक पहुंचाने की चेतावनी भी दी और जिला प्रशासन से जांच करते हुए कार्यवाही की मांग की। वहीं एमडीए अधिकारियों ने भाजपा नेता के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि उनके साथ कोई अभद्रता नहीं की गई।

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आईपीएल शुगर मिल रोहाना पर सरकारी भूमि कब्जाने का आरोप लगाते हुए लंबी लड़ाई लड़ने और डॉ. संजीव बालियान के खिलाफ खुला मोर्चा खोलकर चर्चाओं में आये भाजपा नेता विपुल त्यागी बुधवार को अचानक ही उस समय लाइम लाइट में आ गये, जबकि उन्होंने मेरठ रोड स्थित मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के कार्यालय परिसर में विभाग में भ्रष्टाचार, खुली रिश्वतखोरी और आम जनता के साथ दुर्व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाते हुए उपाध्यक्ष कविता मीणा के कार्यालय के बाहर फर्श पर बैठकर धरना शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान विपुल त्यागी ने आरोप लगाया कि विकास प्राधिकरण में आम जनता के कार्य बिना सुविधा शुल्क के नहीं हो रहे हैं तथा फरियादियों के साथ और लोगों की शिकायत लेकर आने वालों के साथ एमडीए अधिकारियों के द्वारा दुर्व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर मामले में रिश्वतखोरी हो रही है। किसी की सुनवाई नहीं होती और न ही शिकायतों व समस्याओं का समाधान करने के लिए एमडीए के अधिकारी संवेदनशील हैं, जनता के बीच भाजपा सरकार की छवि ऐसे अधिकारियों की कार्यप्रणाली के कारण धूमिल हो रही है, उन्होंने जिला प्रशासन से मामलों की जांच कराकर कार्यवाही करने की मांग करते हुए कहा कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे। धरने की सूचना मिलते ही हड़कम्प मच गया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया और शिकायतों की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, लेकिन विपुल धरने पर बैठे रहे। वहीं मामले में एमडीए के अधिकारियों का कहना है कि विभाग में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी जैसे आरोप गलत हैं और उनके साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता नहीं हुई है। जो भी शिकायत लेकर वो आये उसको सुना गया और आश्वासन भी दिया गया।

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