कुल्लू में अखाड़ा बाजार बना छावनी

कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिला मुख्यालय में सोमवार को मस्जिद के कथित अवैध निर्माण को लेकर होने वाले हिंदू संगठनों के धरने को लेकर बीएनएस की धारा 163 लगाई गई है। धारा 163 भेखली बाईपास नियर गेमन पुल से सूद पेट्रोल पंप, अखाड़ा बाजार और ढालपुर चौक से कालेज गेट तक सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक रहेगी। इस संबंध में उपायुक्त कुल्लू तोरूल एस रवीश की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। उधर, हिंदू संगठनों ने रामशिला से ढोल-नगाड़ों के साथ रैली निकाली। शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। दूसरे जिलों से भी पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। हिंदू संगठनों के प्रदर्शन से पहले पुलिस ने शहर में फ्लैग मार्च किया। मस्जिद वाली गली में बैरिकेडिंग की गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा है। अखाड़ा बाजार पुलिस छाबनी में तब्दील हुआ है।

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कुल्लू में 6 बिस्वा जमीन पर बनी है मजिस्द, नक्शा पास-कुल्लू। अखाड़ा बाजार की जामा मस्जिद विवाद को लेकर अब प्रशासन सामने आया है। प्रशासन ने तथ्य और रिकॉर्ड के साथ जामा मस्जिद को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। सदर के एसडीएम विकास शुक्ला ने कहा कि 6 बिस्वा जमीन पर बनी मस्जिद अवैध नहीं है। इसका नक्शा भी पास है। केवल इसके नियमितीकरण का मामला सरकार के पास लंबित है। एसडीएम ने कहा कि मस्जिद आबादी फाटी, रघुनाथपुर, जिसका कब्जा वक्फ बोर्ड पंजाब के पास है। 1970 में वक्फ बोर्ड की सूची निकलती है। छह बिस्वा में मस्जिद बनी है, बाकी जमीन पर दुकानें आदि हैं। वर्ष 1999 में तीन मंजिल मस्जिद के निर्माण के लिए अनुमति मांगी थी, जो मिल गई थी। वर्ष 2012 में विश्व हिंदू परिषद की ओर से शिकायत दर्ज की गई कि मस्जिद में अवैध निर्माण हो रहा है। इसके बाद सभी विभागों ने जांच की।

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एक रिपोर्ट टीसीपी को प्रेषित की गई। टीसीपी ने कुछ आब्जेक्शन लगाए। शिकायत में यह कहा गया था कि जहां पर मस्जिद बनी है, वह रिहायशी इलाका है, भूकंप आने की स्थिति में यहां पर नुकसान हो सकता है। सरकार ने स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट भी मांगा था। नगर परिषद कुल्लू ने 2019 में संशोधित मैप, स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट निदेशक स्तर पर जमा किया। 150 वर्ग मीटर का नियमितीकरण मांगा है। इसको निदेशक स्तर पर भेजा गया है, जहां पर यह मामला लंबित है। इसके साथ नक्शे, पेपर, सरकार को भेजे गए हैं। कहा कि मस्जिद अवैध नहीं है, नियमितीकरण का मामला उच्च अधिकारियों के पास लंबित है।

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