नगरपालिका के क्वार्टरों में बाहरी की तलाश में सत्यापन शुरू

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् ने अब अपनी संपत्तियों की भी सुध लेनी शुरू की है। इसमें पालिका के अधीन बने क्वार्टरों में किराया निर्धारण और उनमें पालिका कर्मचारियों या उनके परिजनों के अलावा बाहरी लोगों के काबिज होने की शिकायतों का संज्ञान लेने के बाद नगरपालिका परिषद् की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप के निर्देशन में टैक्स विभाग ने भौतिक सत्यापन शुरू कराया है। एक एक क्वार्टर में निवास करने वाले परिवार का रिकार्ड जुटाया जायेगा और इसके बाद बाहरी लोगों पर पालिका अधिनियम के तहत बाजारी आधार पर किराया तय करते हुए वसूलने की तैयारी है, ताकि पालिका की आय में इजाफा किया जाये। इस दौरान अवैध रूप से निवास करने वाले परिवारों के कब्जे से क्वार्टर खाली कराने की भी तैयारी है। पहले चरण में कम्पनी बाग में बने क्वार्टरों का भौतिक सत्यापन शुरू कराया गया है। इसके बाद सभी क्वार्टरों का निरीक्षण कराने का प्लान तैयार कर लिया गया है।

इसे भी पढ़ें:  नाबालिग की हत्या का खुलासा: मां और किरायेदार के बीच थे अवैध संबंध, वीडियो बनाने पर लड़की को दिया था दवा की जगह जहर

बता दें कि नगरपालिका परिषद् के अधीन शहरी क्षेत्र में सात स्थानों पर लगभग 150 क्वार्टर है। इनमें पालिका के अधिकारी और कर्मचारियों के अलावा उनके परिजन और रिटायर्ड कर्मचारी रह रहे हैं। जो पालिका अधिनियम के अन्तर्गत कर्मचारियों पर तय किराया पालिका को चुका रहे हैं। पालिका प्रशासन को कई बार शिकायत मिली है कि कुछ क्वार्टर में बाहरी लोगों का भी अवैध कब्जा है और उनके द्वारा भी कर्मचारियों के लिए तय किराया ही दिया जा रहा है। इसके लिए चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने टैक्स विभाग को जांच करने के निर्देश जारी किये थे। इस पर कर निर्धारण अधिकारी दिनेश कुमार ने जांच शुरू करा दी है। उन्होंने बताया कि नगरपालिका परिषद् के अधीन टाउनहाल परिसर, कम्पनी बाग परिसर में, कम्पनी बाग के पीछे, सरवट फाटक, मीनाक्षी चौक पड़ाव, रामपुरी और रुड़की चुंगी के पास पालिका के करीब 150 क्वार्टर बने हुए हैं, जिनमें पालिका के अधिकारी, कर्मचारी, रिटायर्ड कर्मचारी या उनके परिवार रह रहे हैं।

इसे भी पढ़ें:  स्टील फैक्टन्न्ी के कर्मचारियों से लाखों की लूट

शिकायत मिली है कि इनमें कुछ बाहरी लोगों के द्वारा भी अवैध रूप से कब्जा करते हुए निवास किया जा रहा है। इससे पालिका की संपत्ति पर कब्जा तो हो ही रहा है, साथ ही पालिका को राजस्व की भी हानि हो रही है। क्योंकि बाहरी लोगों के द्वारा बाजारी रेट पर किराया नहीं दिया जा रहा है। इसके लिए जांच शुरू कराई गयी है। बताया कि पहले चरण में कम्पनी बाग में बने 25 क्वार्टरों का भौतिक सत्यापन करने के लिए राजस्व निरीक्षक पारूल यादव को निर्देश दिये गये हैं। उनको बिन्दूवार तीन दिन में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है। इसके बाद सभी स्थानों पर बने क्वार्टरों का राजस्व निरीक्षकों के माध्यम से भौतिक सत्यापन कराकर रिकार्ड दुरुस्त किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जहां पर अवैध कब्जा है, उसको खाली कराया जायेगा और यदि बाहरी लोग क्वार्टरों में वैध रूप से रह रहे हैं तो उन पर बाजारी रेट के अनुसार किराया निर्धारण करते हुए वसूलने की तैयारी की जायेगी। इससे पालिका की आय में भी बढोतरी होगी और पालिका की संपत्ति से अवैध कब्जे भी हटेंगे। 

इसे भी पढ़ें:  मदरसे मुसलमानों की जीवन रेखा - मौलाना अरशद मदनी
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *