संसद में हरेन्द्र मलिक ने उठाया रेलवे स्टेशन की मस्जिद और मोहर्रम जुलूस का मुद्दा

मुजफ्फरनगर। स्थानीय सांसद और सपा के राष्ट्रीय महासचिव हरेन्द्र मलिक ने संसद में जिले के दो तीन प्रमुख मुद्दा को उठाते हुए यहां के भू माफियाओं पर कार्यवाही की मांग की है। सांसद हरेन्द्र मलिक ने सदन में रेलवे स्टेशन की मस्जिद, नई मण्डी क्षेत्र का एक हिस्सा शत्रु सम्पत्ति घोषित कराने और मोहर्रम के दौरान जुलूस का रास्ता दबाव में रोकने के प्रकरणों को उठाते हुए प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली को भी सवालों के घेरे में खड़ा किया।


सपा सांसद हरेन्द्र मलिक ने संसद में अपने सम्बोधन में कहा कि जनपद मुजफ्फरनगर में भू माफियाओं ने स्थानीय प्रशासन से मिलकर एक बड़े भू भाग को, जो पिछले 500-700 से बसा हुआ क्षेत्र था, को शत्रु सम्पत्ति घोषित कर दिया ताकि मुजफ्फरनगर के दक्षिणी भाग में जहां एक सत्तासीन एक व्यक्ति के प्राइवेट बिल्डर को लाभ हो सके। गांधी कालोनी द्वारिकापुरी आदि कालोनी के लोग न सम्पत्ति पर लोन ले पा रहे हैं और न ही सम्पत्ति को बेच पा रहे है। अब ऐसे ही भू माफियाओं की निगाह धार्मिक स्थलों पर पड़ी है।

उन्होंने स्थानीय रेलवे स्टेशन के पास बनी मस्जिद को लेकर हो रही शिकायतबाजी के बीच ही यह प्रकरण भी सदन में रखते हुए कहा कि शहर के बीच में सन 1900 में एक धार्मिक स्थल रूस्तम अली खां ने की थी। उनका देहांत 1918 में हुआ था। मस्जिद की स्थापना ऐसे व्यक्ति ने की, जिसका जन्म भी हिन्दुस्तान में हुआ और मृत्यु भी हिन्दुस्तान में हुआ है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन से मिलकर कुछ भू माफिया इसे शत्रु सम्पत्ति घोषित कराकर कब्जा कराकर शॉपिंग कॉम्पलैक्स बनाने की साजिश रची जा रही है। राजस्व अभिलेख में 1325 फसली वर्ष में वहां पर धार्मिक स्थल होने का उल्लेख किया गया है। सपा सांसद ने कहा कि मोहर्रम के जुलूस के दौरान इन लोगों ने रास्ते में एक गेट बनवाकर प्रशासन पर दबाव बनाकर जुलूस को रोकने का काम किया, जिससे तनाव व्याप्त हुआ। जिला प्रशासन मौन है और इनके अत्याधिक दबाव में है। सांसद हरेन्द्र मलिक ने सदन में मांग उठाई है कि उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देशित किया जाये कि धार्मिक स्थल से कोई छेड़छाड़ न की जाये और ऐसे लोगों तथा प्रशासन के अधिकारियों पर सरकार कार्यवाही करे।

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