सीबीएसई रिसोर्स पर्सन्स ने पाठ योजना निर्माण, मूल्यांकन, रचनात्मक गतिविधियों तथा विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने में एआई की भूमिका पर भी प्रकाश डाला
मुजफ्फरनगर। एम.जी. पब्लिक स्कूल में शिक्षक-शिक्षिकाओं के कौशल विकास के उद्देश्य से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के क्षमता संवर्धन कार्यक्रम के अंतर्गत बुधवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय ‘क्लासरूम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल’ रहा, जिसमें शिक्षकों को एआई आधारित आधुनिक तकनीक के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और नवाचारपूर्ण बनाने के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या मोनिका गर्ग द्वारा किया गया। उन्होंने सीबीएसई से आए रिसोर्स पर्सन्स का स्वागत एवं अभिनंदन कर उनको सम्मानित किया। सीबीएसई के रिसोर्स पर्सन कैप्टन अनिल कुमार गुप्ता एवं राकेश कुमार ने विभिन्न सत्रों के माध्यम से शिक्षकों को बताया कि किस प्रकार एआई टूल्स का उपयोग शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक रोचक, इंटरैक्टिव और विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जा सकता है। उन्होंने पाठ योजना निर्माण, मूल्यांकन, रचनात्मक गतिविधियों तथा विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने में एआई की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग ने बताया कि इस एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म और एआई आधारित संसाधनों के प्रयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि बदलते शैक्षिक परिदृश्य में तकनीक का समुचित उपयोग शिक्षकों के लिए समय की आवश्यकता बन चुका है और इससे विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा सकता है। कार्यशाला में शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षण पद्धतियों को समझने के साथ-साथ उनके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी प्राप्त की।

प्रधानाचार्या मोनिका गर्ग ने अपने संबोधन में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा जगत में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक यदि तकनीक को अपनी शिक्षण शैली का हिस्सा बनाते हैं तो कक्षाएं अधिक प्रभावशाली, रचनात्मक और विद्यार्थियों के लिए आकर्षक बन सकती हैं। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे एआई के नवाचारों को अपनाते हुए शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे क्षमता संवर्धन कार्यक्रम शिक्षकों को नवीनतम शैक्षिक प्रवृत्तियों से जोड़ने और उन्हें भविष्य उन्मुख शिक्षण के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे उन्हें भविष्य के लिए तैयार, नवाचारपूर्ण और तकनीक-सक्षम कक्षाओं के निर्माण की दिशा में नई प्रेरणा और व्यवहारिक जानकारी प्राप्त हुई। अंत में उन्होंने सीबीएसई के रिसोर्स पर्सन्स का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में शिक्षक शिक्षिकाओं एवं अन्य स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा।






