10वीं की परीक्षा में फेल हो जाने पर छात्र की आत्महत्या

मुजफ्फरनगर। इस बार सीबीएसई की परीक्षा में ग्रामीण प्रतिभा ने खुद को साबित करने का काम किया है, लोगों के बीच गांवों के विद्यार्थियों की कामयाबी को लेकर चर्चाओं को दौर बना ही था कि इसी बीच एक गांव में छात्र परीक्षा में फेल होने का दबाव नहीं सहन कर पाया और मानसिक रूप से परेशानी में छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्र की मौत से परिवार के साथ ही गांव में भी कोहराम की स्थिति बनी रही।

सीबीएसई ने मंगलवार को अपने 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए बोर्ड परीक्षा के परिणाम जारी किए थे। ऐसे में कई छात्रों ने परीक्षा पास की तो काफी फेल भी रहे। इनमें से ही एक छात्र परीक्षा में विफलता के मानसिक दबाव को सहन नहीं कर पाया और उसने आत्महत्या कर ली। यह छात्र पुरकाजी के एक गांव का रहने वाला था और सीबीएसई 10वीं की परीक्षा में फेल हो जाने के बाद आत्मघाती कदम उठाते हुए फांसी लगाकर जान दे दी। बताया गया कि इस छात्र के गांव में सभी अन्य सहपाठी पास हो गए थे, एकमात्र वहीं फेल हुआ था। इसके चलते मानसिक तौर पर परेशान होकर छात्र ने ऐसा कदम उठाया। छात्र की मौत से उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में गम का माहौल बना हुआ है।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार पुरकाजी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी कक्षा दस के छात्र ने सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में फेल होने पर घर में ही कमरे में जाकर फांसी का फंदा लगाते हुए आत्महत्या कर ली। शोकाकुल परिजनों ने बिना पुलिस की कार्रवाई कराए शव का अंतिम संस्कार कर दिया। बताया गया कि पूरे गांव में सभी बच्चे पास हो गए, जबकि यह छात्र फेल हो गया। इसी कारण वह बहुत परेशान था। मृतक छात्र उत्तराखंड के गुरुकुल नारसन में स्थित एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षा प्राप्त कर रहा था। इस बार उसने सीबीएसई बोर्ड से कक्षा 10 वीं की परीक्षा दी थी, उसके साथ गांव के ही दूसरे परिवारों के बच्चे भी इस स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने के लिए जाते थे। इनमें से कुछ मृतक छात्र के सहपाठी भी हैं।

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मंगलवार को बोर्ड का रिजल्ट आया, इस छात्र ने भी परीक्षा परिणाम जानने के लिए नेट पर देखा तो वो फेल हो गया। जबकि उसके गांव के ही रहने वाले उसके सहपाठी पास हो गए थे। इससे वह आत्म ग्लानि महसूस करने लगा और मानसिक दबाव में चला गया। परिजनों को उसकी मौत की जानकारी हुई तो घर और गांव में कोहराम मच गया। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई के बिना अंतिम संस्कार कर दिया। परिवार वालों ने बताया कि मंगलवार को सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम आने के बाद से छात्र बेहद परेशान था और मानिसक रूप से तनावग्रस्त हो गया था। नेट पर अपना परीक्षा परिणाम देखने के बाद उसने गांव के ही अपने सहपाठियों से भी उनके परीक्षा परिणाम के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि वो सभी पास हो गये हैं, गांव से केवल वो ही फेल हुआ है। इस तनाव को वो बर्दाश्त नहीं कर पाया और उसने जान देने जैसा आत्मघाती कदम उठाया।

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