हिंदू नाम और पुलिस अधिकारी की छवि बनाकर करता था पोस्ट, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री योगी के खिलाफ की थी अभद्र टिप्पणियां
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में सोशल मीडिया के दुरुपयोग और फर्जी पहचान के जरिए लोगों को भ्रमित कर अवैध गतिविधियां करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। तितावी थाना पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो अलग-अलग पहचान अपनाकर न केवल लोगों को डराने-धमकाने का काम कर रहा था, बल्कि सोशल मीडिया पर संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कर रहा था।
तितावी थाना क्षेत्र में पुलिस ने फर्जी पहचान बनाकर सोशल मीडिया पर सक्रिय एक युवक को गिरफ्तार कर कानून का पाठ पढ़ाया है। आरोपी की पहचान अहमद अली के रूप में हुई है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुद को कभी हिंदू युवक आकाश चौधरी बताता था तो कभी पुलिस अधिकारी या पत्रकार के रूप में पेश आता था। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने आकाश चौधरी नाम से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बना रखी थी। इसी आईडी से उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणियां पोस्ट की थीं। यह सामग्री सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद तितावी थाना पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान सुनिश्चित की।

जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी लोगों का भरोसा जीतने के लिए अलग-अलग वेश और प्रतीकों का इस्तेमाल करता था। कुछ वीडियो और तस्वीरों में वह हाथ में कलावा बांधे दिखाई दिया, ताकि खुद को हिंदू दर्शाकर लोगों को भ्रमित कर सके। वहीं, कई पोस्ट में वह पुलिस की कैप और वर्दी जैसी पोशाक पहनकर खुद को क्राइम इंस्पेक्टर या एसओजी से जुड़ा कर्मी बताता था। पुलिस का मानना है कि इस फर्जी छवि का इस्तेमाल वह लोगों को धमकाने और उनसे अवैध उगाही के लिए करता था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को थाने लाया गया, जहां उससे पूछताछ की गई। उसको पुलिस ने करारा सबक सिखाया, बाद में उसकी एक वीडियो भी वायरल हुई, जिसमें उसे दो सिपाही थाने में पकड़कर ला रहे हैं, लंगड़ाता अहमद अपने किये पर माफी मांग रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस दौरान आरोपी असहज नजर आया और उसने अपने कृत्यों के लिए हाथ जोड़कर माफी भी मांगी। तितावी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने किन-किन लोगों से अवैध उगाही की।






