भोपा रोड पर प्रदूषण के खिलाफ भाकियू (अराजनैतिक) का प्रदर्शन, बिंदल पेपर के बाहर दिया धरना, प्रशासन को झुकना पड़ा
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में बढ़ते वायु प्रदूषण और कूड़ा जलाने की घटनाओं के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के आंदोलन को बड़ी सफलता मिली है। भोपा रोड क्षेत्र में हुए धरने और उग्र विरोध के बाद प्रशासन ने न केवल तत्काल कार्रवाई की, बल्कि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों और इकाइयों पर सख्ती का आश्वासन भी दिया।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने शनिवार को भोपा रोड पर आंदोलन शुरू किया था। संगठन के कार्यकर्ताओं ने कूड़ा और संदिग्ध सामग्री लेकर आ रहे ट्रकों को शहर में प्रवेश से रोक दिया और प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ धरने पर बैठ गए। देर रात तक चले इस आंदोलन के बाद प्रशासन को किसानों की अधिकांश मांगें माननी पड़ीं। किसानों का कहना है कि जिले में प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं आम हो गई हैं। ग्रामीण इलाकों तक इसका असर पहुंच रहा है। भाकियू नेताओं ने दावा किया कि सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।

धरना दे रहे किसानों ने पेपर मिल, स्लग यूनिट और अन्य औद्योगिक इकाइयों पर आरोप लगाया कि वे ईंधन के नाम पर बाहर से लाया गया म्युनिसिपल कचरा जला रही हैं। उनका कहना है कि इसमें केमिकल युक्त सामग्री, रबर, टायर और अन्य हानिकारक पदार्थ शामिल होते हैं, जो प्रदूषण को और बढ़ाते हैं। भाकियू (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने टीडीएफ के नाम पर कचरा ला रहे तीन ट्रकों को मौके पर पकड़ लिया। सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। जिलाधिकारी के निर्देश पर एसडीएम जानसठ और प्रदूषण विभाग की टीम ने जांच की, जिसमें स्पष्ट हुआ कि ट्रकों में टीडीएफ नहीं, बल्कि म्युनिसिपल कचरा भरा हुआ था।

जांच के बाद आक्रोशित किसानों ने बिंदल डुप्लेक्स के सामने अर्धनग्न धरना शुरू कर दिया। स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस-प्रशासन को किसानों को समझाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। अंततः देर रात करीब एक बजे प्रशासन ने मांगें मानते हुए कार्रवाई का भरोसा दिया। धरने के बाद प्रशासन ने तीनों ट्रकों को जब्त कर पुलिस चौकी भेज दिया। साथ ही स्पष्ट किया गया कि आगे से गीला कूड़ा लेकर आने वाला कोई भी ट्रक पकड़े जाने पर जब्त किया जाएगा। नगर पालिका द्वारा कूड़ा जलाने पर रोक लगा दी गई है और औद्योगिक क्षेत्रों में सघन निरीक्षण किया जाएगा। भाकियू अराजनैतिक के प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक भी देर रात तक धरने पर डटे रहे। बताया कि क्षेत्रवासियों की मांग को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने भोपा रोड क्षेत्र में स्मोकिंग/फॉगिंग (स्मोक गन) की व्यवस्था कराई, ताकि प्रदूषण के प्रभाव को कम किया जा सके। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि दोषी इकाइयों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। धरना स्थगित करते हुए राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि यह आंदोलन का अंत नहीं, बल्कि फिलहाल स्थगन है। यदि दोबारा कचरा जलाने या अवैध ईंधन के प्रयोग की घटनाएं सामने आईं तो आंदोलन और व्यापक किया जाएगा।






