अल्मोड़ा जंगलों में आग की घटनाओं ने अब लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर डालना शुरू कर दिया है। जंगलों से उठ रहा धुआं और वातावरण में फैली धुंध के कारण जिला अस्पताल में आंखों में जलन, सिरदर्द और सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। संवाद सहयोगी, अल्मोड़ा। जिले के विभिन्न जंगलों में लगातार आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
इससे जहां वन संपदा को भारी नुकसान हो रहा है, वहीं पूरे क्षेत्र में धुआं और धुंध फैलने से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जंगलों से उठ रहे धुएं का असर अब सीधे लोगों की सेहत पर दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल में इन दिनों रोजाना 10 से 15 मरीज आंखों में जलन, सिरदर्द और सांस लेने में परेशानी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। विशेष रूप से दमा के मरीजों और बुजुर्गों को अधिक परेशानी हो रही है। धुएं और धुंध के कारण वातावरण में प्रदूषण बढ़ने से स्थिति और गंभीर बनती जा रही है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डा. हरीश आर्या ने बताया कि पिछले चार दिनों से दमा और सिरदर्द की समस्या को लेकर मरीजों की संख्या बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि इसका मुख्य कारण जंगलों की आग से उठ रहा धुआं और वातावरण में फैली धुंध है। लोगों को इससे बचाव के लिए मास्क का उपयोग करने की सलाह दी गई है। जिला अस्पताल के नेत्र सर्जन व प्रभारी पीएमएम डा. जीवन मपवाल ने बताया कि जंगलों में आग लगने से वातावरण में धुंध बढ़ गई है। इसके कारण लोगों को आंखों में जलन, दर्द और अन्य समस्याएं हो रही हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि धुएं और धुंध से बचाव के लिए चश्मे का प्रयोग करें और अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।






