लखनऊ में मंगलवार को यूपी भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पहली प्रेस वार्ता करते हुए समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा में लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं है, जिसका उदाहरण 2012 में देखने को मिला, जब पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां की मौजूदगी के बावजूद अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाया गया। पंकज चौधरी ने इसे “आजम खां का हक छीने जाने” जैसा बताया।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा की ताकत उसका संगठनात्मक लोकतंत्र है, जहां एक साधारण कार्यकर्ता भी प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष या प्रदेश अध्यक्ष बन सकता है। इसके उलट सपा में नेतृत्व सीमित परिवार तक ही रहता है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने पहले भी सामाजिक न्याय की राजनीति को आगे बढ़ाया है—1989 में कल्याण सिंह को नेता प्रतिपक्ष और 1991 में मुख्यमंत्री बनाया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनना भी इसी परंपरा का प्रमाण है।
पंकज चौधरी ने सपा के PDA नारे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इसका असली अर्थ “पारिवारिक दल एलायंस” है। उन्होंने इंडिया गठबंधन को भी परिवारवादी दलों का समूह बताया। प्रदेश भाजपा की नई टीम के गठन पर उन्होंने कहा कि पार्टी में आवश्यकता के अनुसार सभी की सलाह से संगठन को मजबूत किया जाता है।
उन्होंने आगे कहा कि वे समावेशी राजनीति में विश्वास रखते हैं और कार्यकर्ताओं को सर्वोपरि मानते हैं। पार्टी में हर कार्यकर्ता का सम्मान है और निर्णय लेते समय उनकी भूमिका अहम रहती है।
कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए पंकज चौधरी ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर 25 से 31 दिसंबर तक प्रदेशभर में ‘अटल स्मृति सप्ताह’ मनाया जाएगा। इस दौरान अटल जी के विचारों और योगदान पर आधारित कार्यक्रम होंगे। 25 दिसंबर को लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल का लोकार्पण करेंगे, जबकि 26 दिसंबर को सभी जिलों में वीर बाल दिवस मनाया जाएगा।






