खतौली स्थित श्री 1008 चन्द्रप्रभ दिगम्बर जैन मंदिर पिसनोपाडा में चन्द्रप्रभ भगवान मोक्ष कल्याणक पिछले दस वर्षों की परंपरा के अनुरूप इस वर्ष भी अत्यंत भव्य और भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर भक्ति और श्रद्धा का परिचय दिया। मुजफ्फरनगर से पधारे पंडित मधुबन शास्त्री के सान्निध्य में संगीतमय और भक्तिमय विधान का आयोजन किया गया, जिसमें पूरा मंदिर परिसर भक्ति रस में सराबोर दिखाई दिया। कार्यक्रम में विधान आमंत्रणकर्ता के रूप में राजीव जैन प्रेम विहार मुजफ्फरनगर परिवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
मंडप उद्घाटन का सौभाग्य अमरचन्द सुनील जैन सराफ को प्राप्त हुआ, जबकि ध्वजारोहण शशांक सराफ परिवार द्वारा किया गया। सौधर्म इंद्र बनने का सौभाग्य संदीप जैन, शशांक जैन टिम्बर परिवार को प्राप्त हुआ। मुख्य मंगल कलश की स्थापना विकास जैन आर्यन वेंकट हाल वालो द्वारा की गई। चारों दिशाओं के कोनों पर कलश स्थापना का कार्य शिल्पी जैन, बीना जैन, रजनी जैन, अंजू जैन ने संपन्न किया।

भक्तिमय वातावरण में हुआ गुणगान
विधान मंडप की मंगल क्रियाओं के पश्चात विधिवत विधान का आरंभ हुआ। सभी श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से चन्द्रप्रभ भगवान का गुणगान किया और संगीतमय वातावरण में नृत्य कर अपनी श्रद्धा अर्पित की।जिनवाणी विराजमान का सौभाग्य विनय जैन, रामकुमार जैन, संदीप जैन परिवार को प्राप्त हुआ। इस अवसर पर अष्ट मंगल द्रव्य और पांच मेरु की स्थापना भी की गई। रात्रि में डॉ नेमचंद जैन शास्त्री ने प्रवचन देकर उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश प्रदान किया। प्रश्न मंच में उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का निर्देशन कलपेन्द्र जैन ने किया।
आयोजन में हितेष जैन, राहुल पैकर्स, संजय जैन अनन्त वीर्य, राजकुमार जैन, मदन जैन, कमल जैन, अमित जैन, राहुल टिम्बर, जय भगवान जैन, संतोष जैन, सरिता जैन, सुनीता जैन, आयुषी जैन, शैलबाला जैन, रीतू जैन सहित अनेक श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा।
विधान के समापन पर भूषण लाल मुकेश जैन आढ़ती एवं प्रभा जैन पवन जैन प्रवक्ता परिवार की ओर से सभी श्रद्धालुओं को मिष्ठान वितरित किया गया। इस प्रकार खतौली में आयोजित चन्द्रप्रभ भगवान मोक्ष कल्याणक श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक सहभागिता का अद्भुत उदाहरण बनकर संपन्न हुआ।






