देहरादून। देहरादून में लगातार बिगड़ती यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए अब सेना के जवान भी मोर्चा संभाल सकते हैं। जिला सड़क सुरक्षा समिति ने प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके तहत सेना के जवानों को यातायात वार्डन के रूप में प्रमुख सड़कों पर तैनात किया जाएगा।
तेजी से बढ़ते वाहनों और सीमित सड़क क्षमता के कारण शहर में रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है। इसके साथ ही यातायात नियमों की अनदेखी समस्या को और गंभीर बना रही है। ऐसे में सेना के जवान स्थानीय ट्रैफिक पुलिस के साथ समन्वय बनाकर यातायात प्रबंधन में सहयोग करेंगे।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने इस संबंध में एसपी ट्रैफिक और आरटीओ प्रशासन/प्रवर्तन को पत्र भेजा है। पत्र में जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश और जिला सड़क सुरक्षा समिति के सीईओ कर्नल पी. थपलियाल के सुझावों का उल्लेख किया गया है।
प्रस्ताव के अनुसार, सेना के जवान नियमों के उल्लंघन की पहचान कर उसका विवरण समय और स्थान सहित यातायात पुलिस को उपलब्ध कराएंगे, जिसके आधार पर चालानी कार्रवाई की जाएगी। यह व्यवस्था पहले दिल्ली में लागू की जा चुकी है, जहां इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
अधिकारियों का मानना है कि भविष्य में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और पांवटा साहिब हाईवे चौड़ीकरण के बाद वाहनों का दबाव 20–25 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। ऐसे में समय रहते यातायात सुधार के लिए ठोस कदम उठाना आवश्यक हो गया है।





