Epstein Files में बड़ा एक्शन: Jeffrey Epstein केस में Andrew Mountbatten-Windsor गिरफ्तार, 11 घंटे हिरासत के बाद रिहा

Epstein Files के लाखों पन्ने सार्वजनिक होते ही जिस भूचाल की आशंका थी, वह अब साफ दिखाई देने लगा है। अमेरिका के कुख्यात यौन तस्कर Jeffrey Epstein से जुड़े खुलासों की आंच सीधे ब्रिटेन के शाही परिवार तक पहुंच गई है। ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस Andrew Mountbatten-Windsor को Jeffrey Epstein के साथ संबंधों के मामले में सार्वजनिक कार्यालय में कदाचार के संदेह में गुरुवार, 19 फरवरी को गिरफ्तार किया गया और लगभग 11 घंटे हिरासत में रखा गया। लगभग चार सदियों में पहली बार शाही सदस्य की गिरफ्तारी ब्रिटिश इतिहास में यह एक असाधारण क्षण माना जा रहा है। लगभग चार शताब्दियों में यह पहली बार है जब शाही परिवार के किसी सदस्य को गिरफ्तार किया गया।

इसे भी पढ़ें:  अमेरिका भारतीय चावल और कनाडाई खाद पर अतिरिक्त टैक्स लगाने की तैयारी में: ट्रम्प

आधुनिक इतिहास में इससे पहले ऐसी घटना 1649 में हुई थी, जब Charles I को अंग्रेजी गृहयुद्ध के दौरान राजद्रोह के आरोप में फांसी दी गई थी। यह घटनाक्रम इस बात का संकेत माना जा रहा है कि हाल के वर्षों में राजशाही को मिलने वाले विशेषाधिकारों में उल्लेखनीय कमी आई है। Epstein विवाद में नाम आने के बाद Andrew से “Prince” की उपाधि पहले ही वापस ली जा चुकी थी। अब उन्हें केवल Andrew Mountbatten-Windsor के नाम से जाना जाता है। Thames Valley Police Force ने पुष्टि की कि Mountbatten-Windsor को पूर्वी इंग्लैंड में लगभग 11 घंटे हिरासत में रखने के बाद गुरुवार शाम रिहा कर दिया गया। उन्हें जांच के तहत रिहा किया गया है।

इसे भी पढ़ें:  India–US Trade Deal: अमेरिकी टैरिफ में बड़ी कटौती, भारतीय निर्यात को बूस्ट, किसानों के हित पूरी तरह सुरक्षित

इसका अर्थ है कि न तो उन पर आरोप तय किए गए हैं और न ही उन्हें दोषमुक्त किया गया है। गौरतलब है कि गिरफ्तारी उसी दिन हुई जब Andrew अपना 66वां जन्मदिन मना रहे थे। Norfolk स्थित Aylsham Police Station से बाहर निकलते समय Andrew की एक तस्वीर वायरल हो गई। Range Rover की पिछली सीट पर पीछे की ओर झुके, आंखों में दहशत के भाव लिए Andrew की यह तस्वीर Reuters के फोटोग्राफर Phil Noble ने ली। गुरुवार देर रात प्रकाशित होते ही यह तस्वीर वैश्विक मीडिया में सुर्खियां बन गई। Andrew की गिरफ्तारी के बाद King Charles III ने सार्वजनिक रूप से बयान जारी किया।

इसे भी पढ़ें:  भारत-रूस व्यापार संतुलन पर पुतिन का जोर, मोदी की तारीफ

उन्होंने कहा,

“मैं स्पष्ट रूप से बता दूं: कानून को अपना काम करना चाहिए। चूंकि यह प्रक्रिया जारी है, मेरे लिए इस मामले पर आगे टिप्पणी करना सही नहीं होगा।”

एक अन्य बयान में उन्होंने कहा कि जो कुछ हो रहा है वह “पूर्ण, निष्पक्ष और उचित प्रक्रिया” के तहत संबंधित प्राधिकरणों द्वारा जांच का हिस्सा है और इसमें “पूरा और पूरे दिल से समर्थन और सहयोग” दिया जाएगा।

Also Read This

दिल्ली मेरठ रैपिड रेल का ट्रायल सफल, 22 फरवरी से संचालन

दिल्ली मेरठ रैपिड रेल के तहत बेगमपुल से सराय काले खां तक ट्रेन का सफल ट्रायल किया गया। यह सफर महज 55 मिनट में पूरा हुआ। 22 फरवरी से इस सेक्शन पर नियमित संचालन शुरू होगा, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाएंगे। ट्रायल के दौरान ट्रेन मेरठ के बेगमपुल से दिल्ली के सराय काले खां पहुंची और फिर दोपहर 12 बजे सराय काले खां से रवाना होकर 55 मिनट में वापस बेगमपुल पहुंच गई। 22 फरवरी से दिल्ली मेरठ रैपिड रेल का संचालन अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को पहली बार नमो रेल सराय काले खां से बेगमपुल तक चलाई जाएगी। इस विशेष ट्रायल में वरिष्ठ अधिकारी और मीडियाकर्मी भी शामिल

Read More »

गुरुग्राम दुष्कर्म हत्या: तीन साल की बच्ची की मौत

गुरुग्राम दुष्कर्म हत्या मामले ने बृहस्पतिवार शाम पूरे सेक्टर 37 इलाके को झकझोर कर रख दिया। पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने तीन साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म कर उसकी निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर बच्ची का शव बरामद कर लिया है। घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। खेलते-खेलते अचानक लापता हुई बच्ची पीड़ित बच्ची के पिता के अनुसार, गुरुवार शाम करीब सात बजे उनकी बेटी घर के पास खेल रही थी। कुछ देर बाद वह अचानक लापता हो गई।परिजनों ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को

Read More »
सुप्रीम कोर्ट द्वारा हिमाचल प्रदेश में पर्यावरणीय संकट पर जताई गई चिंता, जजों की टिप्पणी और बाढ़-भूस्खलन से प्रभावित पहाड़ी इलाका।

बाबरी नाम पर मस्जिद विवाद में सुप्रीम कोर्ट सख्त

बाबरी नाम पर मस्जिद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर जनहित याचिका को शुक्रवार को शीर्ष न्यायालय ने खारिज कर दिया। याचिका में मांग की गई थी कि मस्जिद के नाम में ‘बाबरी’ शब्द के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाए। अदालत ने इस पर सुनवाई से इनकार कर दिया।यह याचिका ऐसे समय में दाखिल की गई, जब पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी नाम से मस्जिद का निर्माण कार्य चल रहा है। अदालत ने सुनवाई से किया इनकार जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने मामले पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि बाबर एक ‘आक्रमणकारी’

Read More »