टावर हटाने, अंडरपास में जलभराव और भूमि संबंधी समस्याओं को लेकर किया प्रदर्शन, समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी
मुजफ्फरनगर। बुढाना क्षेत्र के गांव बिराल में सोमवार सुबह किसानों का गुस्सा खुलकर सामने आया। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरीडोर हाईवे के निर्माण से जुड़ी समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया। किसानों का कहना है कि खेतों के बीच खड़े विद्युत टावरों को नहीं हटाया गया है और बनाए गए भूमिगत मार्ग में पानी भरा रहता है, जिससे ग्रामीण अंचलों में आवागमन बाधित हो रहा है। इन मुद्दों पर शीघ्र समाधान की मांग को लेकर किसानों ने प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की।

प्रदर्शन के लिए हाईवे पर धरनारत किसानों ने आरोप लगाया कि आर्थिक गलियारे के निर्माण के दौरान खेतों में लगे बिजली के टावरों को हटाने या स्थानांतरित करने की प्रक्रिया अधूरी छोड़ दी गई है। इससे खेती-बाड़ी के कार्यों में बाधा आ रही है। भारी मशीनरी के संचालन और फसल कटाई में दिक्कतें बढ़ गई हैं। किसानों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक टावरों का स्थानांतरण नहीं किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के नीचे बनाए गए भूमिगत मार्ग में लगातार पानी भरा रहता है। बरसात के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण पशुओं और किसानों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। लोगों का कहना है कि यह मार्ग उनकी रोजमर्रा की आवाजाही के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन जलभराव के कारण इसका उपयोग करना जोखिम भरा हो गया है।
धरने पर बैठे किसानों ने प्रशासन से सवाल किया कि यदि उनकी जमीन अधिग्रहित कर ली गई और शेष खेतों तक पहुंचने का रास्ता भी बाधित कर दिया गया, तो वो अपने खेतों तक कैसे पहुंचेंगे और आवागमन कैसे हो पायेगा। किसानों ने कहा कि विकास कार्यों का वे विरोध नहीं करते, लेकिन उनकी आजीविका और मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी स्वीकार्य नहीं है। धरने में शामिल ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक समस्याओं का ठोस समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने मांग की कि संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर आकर निरीक्षण करें और शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करें। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे। फिलहाल गांव में धरना शांतिपूर्ण ढंग से जारी है और प्रशासनिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा की जा रही है।





